July 30, 2026 9:59 am

साइबर जालसाजी के अन्तर्राष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार 

समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल चल रहे फर्जी कॉल सेंटर की तरह यह भी गिरोह चला रहा था कॉल सेंटर 

इनके पास से 31 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, दो राउटर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के अलावा साढ़े अट्ठारह लाख रुपए की नकदी बरामद 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अपर्णा कुमार के पर्यवेक्षण तथा डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपायुक्त अमोल मुरकुट व एसीपी विभूतिखंड सौम्या पांडेय के नेतृत्व में पूर्वी जोन की सर्विलांस तथा क्राइम टीम एवं विभूतिखंड की संयुक्त टीम ने गुरुवार को विभूतिखंड क्षेत्र के साइबर हाइट बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर फ्लैट नंबर 420ए जलवा बार के सामने संचालित अन्तर्राष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर मौके से चार हाईटेक जालसाजों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस को इनके पास से 31 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, दो राउटर के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और साढ़े अट्ठारह लाख रुपए की नकदी बरामद हुई है।

इससे पहले साइबर सेल और साइबर थाने की पुलिस ने शहर की नामी-गिरामी समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल से 119 जालसाजों को पकड़ा था, जबकि क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीम शहीद पथ के किनारे स्थित ओमेक्स आर टू सोसायटी के चार फ्लैटों में छापेमारी कर फर्जी कॉल सेंटर का राजफाश कर सात हाईटेक जालसाजों को गिरफ्तार किया था। यह लोग खासकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डालते हैं।

डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा ने बताया कि विभूतिखंड क्षेत्र स्थित साइबर हाइट बिल्डिंग, चौथी मंजिल पर फ्लैट नंबर 420ए जलवा बार के सामने पिछले कुछ दिनों से फर्जी अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना पर इनकी धरपकड़ के लिए सर्विलांस, क्राइम टीम व विभूतिखंड पुलिस को लगाया गया था। उन्होंने बताया कि संयुक्त टीम ने गुरुवार को जलवा बार के सामने संचालित अन्तर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापेमारी कर मौके से चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है।

डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के मुताबिक पकड़े गए चारों आरोपितों ने पूछताछ में अपना नाम प्रतापगढ़ जिले के देवासर थाना क्षेत्र स्थित संग्राम गंज गांव निवासी सूरज त्रिपाठी पुत्र कृष्ण कुमार, विवेक पांडेय, राहुल त्रिपाठी व नाला सुपरा वेस्ट मुंबई निवासी आकाश अरूण दत्ता उर्फ रिक्की बताया।

डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर फर्जी कॉल सेंटर संचालित खासकर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने का काम करते हैं।

रिश्ते में बुआ का बेटा और मामा मिलकर चलाते थे साइबर अपराध की दुकान

एसीपी विभूतिखंड सौम्या पांडेय के मुताबिक यह लोग एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं जो मुंबई निवासी आकाश अरूण दत्ता उर्फ रिक्की के साथ मिलकर फ्लैट में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को माइक्रोसॉफ्ट सपोर्ट और फ़ेडरल, अमेरिकी सरकारी अधिकारी जैसे सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर पीड़ितों धमकाकर मोटी रकम ऐंठते थे। उन्होंने बताया कि पूछताछ में जालसाजी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने बताया कि मोटी रकम अमेरिका में बैठे गिरोह के साथियों द्वारा गिफ्ट कार्ड, सोना या फिर नकदी के रूप में हासिल कर हवाला के जरिए लखनऊ में मौजूद गिरोह का सरगना सूरज त्रिपाठी सहित उसके अन्य साथियों तक पहुंचाई जाती थी। यह भी बताया कि पूरे लेन-देन नकद में होता था और कॉल टेकर एवं एजेंटों को भी भुगतान किया जाता था। एसीपी विभूतिखंड सौम्या पांडेय के मुताबिक इस गिरोह में कितने लोग और शामिल हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। वहीं गुड वर्क करने वाले पुलिसकर्मियों को डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा ने 25 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।

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