August 3, 2026 5:56 pm

चिनहट: झूठी शान ने पिता को बना दिया बेटी का कातिल 

बेटी को समझाने के बजाए साथी के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट 

साथी शातिर अब्दुल मन्नान के साथ कलयुगी पिता विजय चौबे गिरफ्तार 

घटना में इस्तेमाल चार पहिया वाहन व दो मोबाइल फोन बरामद 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। चिनहट के देवा रोड अपट्रान चौकी क्षेत्र स्थित शाहू सोसायटी से बीते 14 अप्रैल 2026 को संदिग्ध हालात में लापता हुई नाबालिग लड़की की जान किसी पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि उसी के कलयुगी पिता विजय चौबे ने अपने साथी अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर ली थी। इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने सोमवार को चिनहट क्षेत्र स्थित मकान नं 538 धावा खसरा संख्या 453 शाहू सोसायटी निवासी विजय कुमार चौबे पुत्र कृपा शंकर चौबे व उसके साथी चिनहट कस्बा स्थित नज़ीर बाग कॉलोनी निवासी अब्दुल मन्नान पुत्र याकूब को गिरफ्तार किया है। डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के मुताबिक आरोपित विजय कुमार चौबे ने खुद गायब होने की आइजीआरएस (IGRS) के माध्यम से चिनहट कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक नाबालिग लड़की का एक लड़के के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर समाज में बदनामी होने की वजह को लेकर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार किया है। पुलिस को घटना में इस्तेमाल चार पहिया वाहन व दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

सनद रहे कि शाहू सोसायटी निवासी विजय कुमार चौबे की नाबालिग बेटी 14 अप्रैल को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। इस मामले में शातिराना दिमाग वाले विजय कुमार चौबे ने 16 अप्रैल को ऑनलाइन IGRS के तहत चिनहट कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की गई तो पूछताछ में विजय की कई बातें विरोधाभास नज़र आ रही थी। संदेह होने पर पुलिस ने विजय कुमार चौबे को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और अपना जुर्म इक़बाल करते हुए कहा कि उसकी नाबालिग बेटी का व्यवहार ठीक नहीं था, जिससे सामाजिक प्रतिष्ठा धुमिल हो रही थी। इसी के चलते बेटी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए अपने साथी अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर योजना बनाई और और 13 अप्रैल 2026 को किराए की कार बुक किया और बेटी को झाड़-फूंक कराने के बहाने कार में बिठाकर पहले सुल्तानपुर रोड पर वहां से उस नादान बेटी को बाराबंकी जिले के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में ले जाकर गमछे से गला दबाकर मौत की नींद सुलाने के बाद शव को कुर्सी रोड स्थित झाड़ियों में फेंककर भाग निकले थे।

शव की पहचान न हो सके चेहरे पर डाला था तेजाब

डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि लखनऊ से लेकर सुल्तानपुर रोड तक बेटी को लेकर दौड़ते रहे और बेखबर नाबालिग बच्ची को बता नहीं था कि जिस पिता के साथ जा रही है वह उसके ऊपर कहीं भी कहर बनकर बरस पड़ेगा। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि विजय और मन्नान ने बताया कि जिस समय घटना को अंजाम दिया उस समय नाबालिग लड़की कार की सीट पर गहरी नींद में सो रही थी तभी गमछे से गला दबाकर मौत की नींद सुलाने की बात स्वीकार किया।

बेटी तड़पती रही और बेरहम विजय और मन्नान को जरा भी दया नहीं आई और हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया, लेकिन कहावत नहीं बल्कि हकीकत है कि अपराधी अपराध करता है, मौका-ए-वारदात पर अपराधी कुछ न कुछ सुबूत ज़रूर छोड़ जाता है।

खुद के बुने जाल में फंसा कलयुगी पिता

बेटी की चाल-चलन ठीक न होने की बात को लेकर झूठी शान में आकर आपा खो बैठा। बेटी की जान के लिए चिनहट कस्बा निवासी चूड़ी विक्रेता अब्दुल मन्नान का सहारा लिया। अब्दुल मन्नान के बारे में विजय कुमार चौबे को शाय़द मालूम था कि वह इससे पहले सलाखों के पीछे जा चुका है, लिहाजा मन्नान को साथ लिया और बहाने से बेटी को लेजाकर मौत के घाट उतार दिया।

विरोधाभास और कॉल डिटेल से खुला राज

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि वारदात से पहले नाबालिग लड़की के प्रेमी से पूछताछ की गई तो वह बताया कि साहब लड़की से उसकी बात हुई है वह अपने पिता के साथ है। यह सुनते ही इंस्पेक्टर चिनहट का दिमाग ठनका और इस मामले की गहनता से छानबीन शुरू कर वाली यानी मृतका के पिता विजय कुमार चौबे की कॉल डिटेल खंगाला तो सच सामने आ गया कि नाबालिग लड़की की जान कोई ने नहीं बल्कि उसी के पिता ने झूठी शान के खातिर साथी अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर मार डाला।

जेल जाने से बचा निर्दोष

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की तत्परता से मानो एक निर्दोष जेल जाने से बच गया। साफ है कि पुलिस की पहली निगाह उस लड़के की ओर गई थी, जिससे नाबालिग लड़की प्रेम-प्रसंग करती थी।

इस वारदात में वादी बना विजय कुमार चौबे ने उस लड़के की ओर इशारा किया था, जिससे नाबालिग बेटी प्रेम-प्रसंग करती थी। पुलिस ने अगले दिन उस लड़के के पास पहुंच भी थी और मामले की गहनता से छानबीन की। इंस्पेक्टर के मुताबिक संदेह के घेरे में आए पिता विजय कुमार चौबे से पूछताछ शुरू की तो सच सामने आ गया। पुलिस यदि इस मामले में जल्द बाजी करती तो निर्दोष उस लड़के को जेल जाना पड़ता।

इस सनसनीखेज मामले का राजफाश करने में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा, उपनिरीक्षक अजय कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक दीपक पाण्डेय, उपनिरीक्षक विकास तिवारी, हेड कांस्टेबल राजकुमार के अलावा क्राइम सर्विलांस टीम पूर्वी जोन के उपनिरीक्षक अमरनाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, कांस्टेबल अजय यादव, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल विमल चन्द पाल व कांस्टेबल दलवीर की अहम भूमिका रही।

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