पुलिस-प्रशासन का समन्वय ही जनविश्वास की आधारशिला-डीजीपी
ए अहमद सौदागर लखनऊ।प्रान्तीय सिविल सेवा के 90वें आधारभूत प्रशिक्षण से गुजर रहे 41 प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण से शिष्टाचार भेंट की।
डीजीपी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद आप एसडीएम जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभालेंगे। यह पद सीधे जनसरोकारों से जुड़ा है। पुलिस सहित अन्य विभागों से समन्वय बनाकर जनसमस्याओं का त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी निस्तारण करना आपकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर एसडीएम का कार्यालय आमजन की शिकायतों का सबसे बड़ा केंद्र है। राजस्व, न्यायालयीन कार्य और कानून-व्यवस्था के साथ खाद, बीज, बिजली, सिंचाई और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान में की भूमिका निर्णायक होती है। विशेषकर भूमि विवादों में संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि आम आदमी के लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं, जीवन और सम्मान का आधार है।
डीजीपी ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण सतत प्रक्रिया है। अपनी प्रतिभा और योग्यता का उपयोग निष्ठा और ईमानदारी से करें और जनहित को सर्वोपरि रखें।
बातचीत के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों के सवालों का जवाब भी डीजीपी ने दिया। अंत में प्रशिक्षु अधिकारी सोनाली सिंह ने डीजीपी को स्मृति चिन्ह भेंट किया।डीजीपी की ओर से भी सभी को स्मृति चिन्ह दिए गए।
बाद में प्रशिक्षु अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर, कंट्रोल रूम, साइबर क्राइम मुख्यालय, जीआरपी मुख्यालय और यूपी-112 का भ्रमण कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली।





