मृतका के जेवरात, मोबाइल फोन व घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद
प्रेमिका की चाहत में उमेन्द्र सिंह ने पत्नी की हत्या कर शव गोमती नदी में फेंका था
सहिजना गांव में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। बीती 31 जुलाई 2026 को इटौंजा क्षेत्र स्थित गोमती नदी में जिस महिला की हत्या कर लाश मिली थी उसकी पहचान रहीमाबाद थाना क्षेत्र के सहिजना गांव निवासी 30 वर्षीय अंजलि सिंह पत्नी उमेन्द्र सिंह के रूप में हुई थी।
इस मामले उमेन्द्र सिंह ने पत्नी के गायब होने की रहीमाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
हत्या कर शव फेंकें जाने की खबर मिलते ही इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरूण कुमार त्रिगुनायक की टीम सक्रिय हुई और स्वाट टीम व सर्विलांस की संयुक्त टीम के साथ गहनता से छानबीन की तो पूछताछ के दौरान मृतका के पति उमेन्द्र सिंह की कई बातें विरोधाभास सामने आई।
संदेह होने पर इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरूण कुमार त्रिगुनायक हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो टूट गया और अपना जुर्म इक़बाल करते हुए कहा हां मैंने ही अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर हत्या कर शव को गोमती नदी में फेंका था।
इस सनसनीखेज मामले का राजफाश पुलिस ने उमेन्द्र सिंह और उसकी प्रेमिका आरती वर्मा को रविवार को गिरफ्तार कर किया है।
घर से चोरी होने का रूप देकर घटना को अंजाम देने वाले हत्यारोपियों के पास से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात, दो मोबाइल फोन व घटना में इस्तेमाल कार बरामद हुई है।
सनद रहे कि बीती 30-31 जुलाई 2026 रहीमाबाद क्षेत्र स्थित सहिजना गांव निवासी उमेन्द्र सिंह पुत्र स्व रमेश सिंह पुलिस को सूचना देकर बताया कि उसकी पत्नी अंजलि सिंह घर से कहीं लापता हो गई है।
गुमशुदगी दर्ज कर इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरूण कुमार त्रिगुनायक की टीम लापता महिला की तलाश कर रही थी कि दूसरे दिन इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित गोमती नदी में एक महिला का उतराता हुआ शव मिला था। शव मिलने की खबर मिलते ही अपनी बेटी की तलाश में भटक रहे घरवाले मौके पर पहुंचे और शव की पहचान अपनी 30 वर्षीय बेटी अंजलि सिंह के रूप में की।
हत्या कर शव फेंकें जाने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और जमीनी मुखबिर तंत्र से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का सहारा लेते हुए गहनता से छानबीन शुरू की। इसी दौरान उमेन्द्र सिंह की कुछ बातें विरोधाभास सामने आई तो पुलिस संदेह के आधार पर उमेन्द्र सिंह को हिरासत में लेकर सवालों की झड़ी लगाई तो वह जवाब देते-देते टूट गया और अपना जुर्म इक़बाल करते हुए कहा हां मैंने ही अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर अंजलि सिंह का कत्ल किया है।
सबूत हाथ लगते ही इंस्पेक्टर रहीमाबाद अरूण कुमार त्रिगुनायक की टीम ने रविवार को रहीमाबाद क्षेत्र स्थित सहिजना गांव निवासी उमेन्द्र सिंह व मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित रोशनाबाद निवासी 31 वर्षीय आरती वर्मा पत्नी जितेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया।
योजना के तहत दिया था घटना को अंजाम
पूछताछ में आरोपित उमेन्द्र सिंह ने पुलिस को बताया कि वह अपना निजी वाहन ओला राइड चलाता था जबकि उसकी प्रेमिका आरती वर्मा एक कॉल सेंटर में नौकरी करती है। इंस्पेक्टर के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि अंजलि सिंह को उसकी हरकतों के बारे में जानकारी हो गई तो वह इसका विरोध करने लगी।
मृतका अंजलि सिंह द्वारा विरोध करने पर उपेन्द्र सिंह अपनी प्रेमिका आरती वर्मा के साथ योजना बनाई और 30 जुलाई 2026 की रात अंजलि की गला दबाकर मौत की नींद सुला दिया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शातिरों ने शव को चार पहिया वाहन में लादकर इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित गोमती नदी में फेंक दिया था। दूसरे दिन कलयुगी उपेन्द्र सिंह थाने गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शुरुआती दौर में बताया कि अंजलि सिंह साथ में घर में रखे जेवरात भी लेकर चली गई। खुद को सच साबित करने के लिए खूनी खेल खेलने वाले उपेन्द्र सिंह ने कई पैंतरा अख्तियार किया, इसके बाद भी उसका गुनाह छिप नहीं सका और प्रेमिका संग पहुंच गया सलाखों के पीछे। कहते हैं कि अपराधी अपराध करता है लेकिन मौका-ए-वारदात पर कुछ न कुछ सुबूत जरूर छोड़ जाता है।




