April 22, 2026 6:35 am

अनदेखी: प्रशासन की शह पर अंधाधुंध खनन, स्थानीय पुलिस भी बनी मूकदर्शक 

किसानों की सुनने वाला कोई नहीं, उपजाऊ जमीन खाई में तब्दील कर रहे खनन माफिया 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपजाऊ जमीन को लेकर सख्त तेवर अपनाते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि किसी ने मिट्टी खोदी तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन काकोरी, माल व मलिहाबाद थाना क्षेत्र में इसका ठीक उल्टा देखने को मिल रहा है। यहां खनन माफियाओं ने मानो खेतों को खाई बना डाला।

स्थानीय लोग बताते हैं कि कुछ समय पहले तक ऐसा नहीं था। यहां खेती हो रही है और जमीन समतल हुआ करती थी। फिर चंद रुपयों के खातिर यहां मिट्टी का खनन शुरू हुआ तो पुलिस-प्रशासन के संरक्षण में दबंग किस्म के ठेकेदार और खनन माफिया जेसीबी व पुकलैंड से मिट्टी खोदने में जुट गए और देखते ही देखते समतल जमीन को खाई में तब्दील कर दिया।

खास बात यह है कि स्थानीय लोग जब इसका विरोध करने के लिए सामने आते हैं तो दबंग उनपर झपट पड़ते हैं। लिहाजा बेबस किसान भीतर ही भीतर सिसकियां भरकर रह जाते हैं।

राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाकों जैसे कि काकोरी, माल,पारा व मलिहाबाद इस समय सुर्खियों में है, जहां धड़ल्ले से खनन का गोरखधंधा चल रहा है। जानकार बताते हैं कि डंफर मिट्टी लादकर बेखौफ होकर पुलिस चौकी और प्रमुख चौराहों से होते हुए गुजर जाते हैं, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मियों या फिर संबंधित विभाग के आलाधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही, इससे यही लग रहा है कि मोटी रकम के आगे पुलिस-प्रशासन घुटने टेक रहा है।

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार आदेश निर्देश दे रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस तरफ भी उनकी नजर आएगी।

जानकार सूत्र बताते हैं कि स्थानीय किसानों ने कई बार खनन का विरोध किया और तहसीलदार से लेकर जिलाधिकारी तक शिकायत, लेकिन खनन माफियाओं के रसूख के आगे सब बेअसर साबित होकर रह गया, नतीजतन आज भी इन इलाकों में धड़ल्ले से अवैध खनन का गोरखधंधा चल रहा है?

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