इससे पहले पुलिस 16 हाईटेक जालसाजों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था
इस गिरोह में शामिल दोनों मुख्य आरोपी पिछले कुछ दिनों से फरार चल रहे थे
पुलिस को इनके पास से आठ लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, एक लग्जरी कार, एक पेनड्राइव व 39000 हजार रुपए की नकदी बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र के नावेल्टी सिनेमा के पास स्थित रिध्या प्लाजा में संचालित फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह का राजफाश कर अलीगंज पुलिस 18 सितंबर 2026 को सोलह जालसाजों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था, जबकि इस गिरोह में शामिल दो प्रमुख आरोपित फरार चल रहे थे।
इंस्पेक्टर अलीगंज ध्रुव कुमार की टीम ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर फरार चल रहे अहमदाबाद गुजरात के 24/118 अरविंद नगर सोसायटी भार्गव रोड मैदानी नगर निवासी 41 वर्षीय देवेन्द्र सिंह तोमर पुत्र रामबीर सिंह तोमर व अहमदनगर गुजरात के बड़ोदरा जिले के डी 90 जय योगेश्वर सोसायटी न्यू समा निवासी 29 वर्षीय हिमांशु धर्मपाल चौहान पुत्र धर्मपाल गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपी गिरोह के मास्टरमाइंड हैं और पूछताछ में बताया कि पुलिस की छापेमारी से कुछ समय पहले वे शिवा उर्फ प्रियांशु के साथ कॉल सेंटर से निकल गए थे।
आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि कॉल सेंटर में उनका काम क्लोजर टीम के साथ-साथ टीम मैनेजमेंट तथा नए लड़के-लड़कियों को कॉल सेंटर में लाकर उन्हें ट्रेनिंग देने की बात बताया।
ऐसे करते थे लाखों-करोड़ों की ठगी
डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के रहने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। गिरोह द्वारा नामचीन कंपनियों जैसे कि Apple Microsoft एवं Amazon की सेवाओं के नाम दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के मोबाइल/कंप्यूटर पर फर्जी पॉप अप एवं अलर्ट प्रदर्शित कराए जाते थे। उन्होंने बताया कि आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और पूछताछ एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस संगठित अन्तर्राष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका के बारे में गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है।





