November 4, 2026 11:33 pm

आजमगढ़ में पूजा करा रही पत्नी और दो पंडितों को पति ने गोलियों से भूना 

गोली लगते ही तीनों ने मौके पर ही तोड़ा दम 

घटना को अंजाम देने के बाद कातिल बच्चों सहित कमरे में खुद को किया कैद 

डीआईजी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर 

कमरे में बंद बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश, इलाके में फैली सनसनी 

आरोपी पुलिस मुठभेड़ में हुआ ढेर 

अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई घटना का मामला 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव में मंगलवार देर शाम उस समय अचानक हड़कंप मच गया जब घर में पूजा-पाठ करा रही 40 वर्षीय पत्नी बबीता सिंह और साठ वर्षीय पंडित महेंद्र पाठक व 55 वर्षीय अखिलेश मिश्रा के ऊपर गोलियों की बौछार कर अरविंद सिंह ने हत्या कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार के मुताबिक घटना को अंजाम देने के बाद अरविंद सिंह बच्चों को कमरे में बंद कर लिया। उन्होंने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले अरविंद और बच्चों को कमरे से सकुशल बाहर निकलने की कोशिश की जा रही है। एक साथ तीन लोगों की हुई हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस मामले की छानबीन कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस ने मकान की घेराबंदी की तो आरोपी पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी गोली लगने से ढेर हो गया।

जानकारी के मुताबिक आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। बताया जा रहा है कि इस उनकी 40 वर्षीय पत्नी बबिता सिंह मंगलवार शाम दो पंडितों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को बुलाकर घर में पूजा-पाठ करा रहीं थीं।

अरविंद सिंह बाजार से घर लौटे तो वह आगबबूला हो गए और पूजा-पाठ कर रहे पंडितों से उनका आधार कार्ड मांग लिया। बताया जा रहा है कि इसको लेकर पत्नी बबिता सिंह और दोनों पंडितों के बीच कहासुनी हो गई है और बात इतनी बढ़ गई कि तमतमाए अरविंद सिंह अपनी लाइसेंसी राइफल से पत्नी बबिता सिंह के सीने में गोलियों की बौछार करने के बाद दोनों पंडितों को गोलियों से भून डाला। बताया जा रहा है कि गोली लगते ही तीनों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी अरविंद सिंह बच्चों सहित खुद को कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। उन्होंने बताया कि कोई और अनहोनी न कर दे इसको लेकर पुलिस उसे कमरे से बाहर निकालने की कोशिश कर रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में डीआईजी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की गहनता से छानबीन शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि पुलिस अरविंद सिंह और बच्चों को कमरे से सकुशल बाहर निकालने का प्रयास किया तो बेखौफ अरविंद पुलिस टीम पर फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गोली लगने से अरविंद ढेर हो गया।

पूरे घटनाक्रम पर एक नजर

बताया जा रहा है कि पति के बिना इजाजत के उनकी पत्नी बबिता सिंह 70 वर्षीय मां समला देवी, पांच वर्षीय बेटी परी, छह वर्षीय बेटे लक्खा और सात महीने की बेटी के साथ पटखौली गांव निवासी पंडित महेंद्र पाठक, छितौना भटौली गांव निवासी अखिलेश मिश्रा व उनके पुत्र हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित को बुलाकर घर में पूजा-पाठ करा रहीं थीं।

बताया जा रहा है कि बाजार से घर लौटे अरविंद ने घर में पूजा-पाठ होते देख वह तमतमा गए और पंडितों से पूछ लिया कि किसके अनुमति से यह सबकुछ हो रहा है। तभी अरविंद सिंह ने पंडितों से उनका आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। यह सुनकर बबिता सिंह और पंडितों ने इसका विरोध करते हुए बहस शुरू कर दी। बात इतनी बढ़ गई कि अरविंद के ऊपर खून सवार हो गया है और अपनी लाइसेंसी राइफल से ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर पत्नी बबिता व दोनों पंडितों को मौत की नींद सुला दिया। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे तो खुद को घिरता देख अरविंद ने तीनों बच्चों को लेकर कमरे में बंद कर लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार, एसपी ग्रामीण चिराग जैन आधा दर्जन थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मकान को चारों ओर से घेर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार के मुताबिक आरोपी और तीन बच्चों को कमरे से सकुशल बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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