April 21, 2026 11:21 pm

उन्नाव: मुसलावा गाँव में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, गंदे पानी और दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना मुहाल

उन्नाव हसनगंज। (संवाददाता) तहसील हसनगंज के विकास खंड औरास के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुसलावा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण गांवों की गलियां गंदगी और जलभराव से पटी पड़ी हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने के बजाय मौन साधे हुए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी गांव में आते तो हैं, लेकिन सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। सफाई कर्मी किसी एक जगह की थोड़ी-बहुत सफाई दिखाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं और वापस चले जाते हैं।

विशेष रूप से परमल मौर्य के घर से लेकर अशर्फी के घर तक की नालियों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। महीनों से जमा कूड़े और मलबे के कारण नालियों का पानी सड़ चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण दुर्गंध फैल रही है।

नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि रात में सोना दूभर है। छोटे बच्चों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है, लेकिन प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है।

ग्रामीणों में विकास खंड अधिकारी (BDO) और संबंधित विभाग के खिलाफ भारी रोष है। आरोप है कि उच्च अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। एक तरफ सरकार ‘स्वच्छ भारत मिशन’ पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं मुसलावा जैसे गांवों में सफाई व्यवस्था को ‘पलीता’ लगाया जा रहा है।

मच्छरों का बढ़ता प्रकोप: जलभराव के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जिससे मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ गया है। दुर्गंध से जीना मुहाल: सड़ते हुए पानी और कूड़े की गंध ने ग्रामीणों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। कर्मचारियों की लापरवाही: सफाई कर्मियों द्वारा काम में टाल-मटोल करना।

क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से विशेष सफाई अभियान चलाकर नालियों को दुरुस्त कराया जाए और लापरवाह सफाई कर्मचारियों व जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

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