कहीं तड़तड़ाई गोलियां तो कहीं चले ताबड़तोड़ चाकू
पांच हत्याएं, बदमाश बेखौफ, पुलिस खामोश, वारदात के पुलिस की तेज हुई रफ्तार
ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि कत्ल जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने में नहीं हिचक रहे हैं। मामूली कहासुनी के बाद दिनदहाड़े गोलियों की बौछार तो कभी सरेराह हत्या हो रही है। वारदात में किसी के नामजद होने पर तो आसानी से खुलासा हो जाता है, लेकिन कातिल के अज्ञात होने पर पुलिस गुत्थी सुलझाने में पिछड़ जाती है, नतीजतन बीते सालों कई लोग हत्यारों के निशाना बने पुलिस की तफ्तीश आज भी रहस्य के कोहरे में गोते लगा रही है।
बीते एक सप्ताह के भीतर दस से बारह राउंड गोलीकांड, चाकू से ताबड़तोड़ वार तो सिर भारी वस्तु से प्रहार कर हत्या तो मामूली कहासुनी के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग और जमकर चाकू चले।
खास बात यह है कि राजधानी में अवैध और लाइसेंसी असलहों से गोलियों की तड़तड़ाहट आम बात हो चली है, लेकिन अक्टूबर में तो सारी हदें पार हो गई। बदमाश और दुस्साहसी लोग अवैध या लाइसेंसी असलहों से खुलेआम गोलियां बरसा रहे हैं और पुलिस है कि खामोश बैठी हुई है।
बदमाशों के दुस्साहस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने ने चबूतरा निर्माण और कार खड़ी करने के विवाद में सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला निवासी ऋषभ शुक्ला ने 26 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब साढ़े दस बजे 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, 55 वर्षीय शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व 30 वर्षीय सुयश तिवारी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मौत की नींद सुला दिया। मामला यहीं से शांत नहीं हुआ बेखौफ ऋषभ शुक्ला गंभीर वारदात करने के बाद क्षेत्र में दहशत फैलाने के करीब बीस मिनट तक असलहा लहराते हुए किसी से मोबाइल फोन पर बात कर रहा था।
इस घटना में नामजद आरोपित इनामी हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला को शनिवार को गिरफ्तार कर पुलिस थोड़ी सी राहत की सांस ली कि शनिवार देर शाम सआदतगंज थाना क्षेत्र के अंबेडकर पार्क के पास 25 वर्षीय दूध विक्रेता रेहान गाजी के ऊपर चाकू से ताबड़तोड़ वारकर बेरहमी से कत्ल कर हत्यारे ने एक बार फिर पुलिस गश्त की पोल खोल कर रख दी। खास बात यह है कि रेहान गाजी का कत्ल किसी गली में नहीं बल्कि वहां हुआ जहां अक्सर पुलिस की सायरन बजाती गाडियां गुजरतीं हैं। गाजी को के ऊपर चाकू से वार कर कातिल मार रहा था, लेकिन क्षेत्र में गश्त करने का दावा करने वाली पुलिस नदारद रही।
यही नहीं माल थाना क्षेत्र में शनिवार को ही बीघापुर गांव निवासी 58 वर्षीय नन्हके रावत के सिर पर वारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसके अलावा गुडंबा थाना क्षेत्र स्थित इंटीग्रल यूनीवर्सिटी के पास किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर फायरिंग हुई। इस गोलीबारी में आयाम इमाम खान उर्फ अरबाज गोली लगते ही गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
वर्दीधारी ही बिगाड़ रहे माहौल
कानून-व्यवस्था और महिलाओं से लेकर अन्य लोगों की सुरक्षा के मसले पर चौतरफा घिरी सरकार हर दिन नए-नए फरमान जारी कर रही है, लेकिन घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। जिन पर सेवा, सुरक्षा और सहयोग की सर्वाधिक जिम्मेदारी है वही वर्दीधारी माहौल बिगाड़ रहे हैं। आए दिन दुष्कर्म, छेड़छाड़ व हत्याएं जैसी संगीन घटनाओं में लापरवाही बरतने को लेकर पुलिसकर्मियों का नाम आ रहा है। सख्ती और कार्रवाई के बाद भी वे सबक नहीं ले रहे हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण सआदतगंज में हुआ तिहरा हत्याकांड का मामला। इस सनसनीखेज मामले में भी पुलिस की लापरवाही उजागर हुई थी।




