November 7, 2026 11:36 pm

​एसडीएम कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हुई भूमि की पैमाइश, पीड़िता ने महोली तहसील में लगाई न्याय की गुहार

​महोली सीतापुर। तहसील महोली क्षेत्र के अंतर्गत अदालती आदेशों की अवहेलना और राजस्व कर्मियों की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। कोर्ट का स्पष्ट आदेश होने के बावजूद राजस्व निरीक्षक द्वारा जमीन की पैमाइश न किए जाने से आहत पीड़िता ने उपजिलाधिकारी (SDM) महोली को दोबारा प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है।

​क्या है पूरा मामला?

​ग्राम बरातपुर, तहसील महोली निवासी रेनू देवी पत्नी आशीष कुमार ने उपजिलाधिकारी को दिए गए आवेदन में बताया कि ग्राम गोडवा में स्थित उनकी भूमि (गाटा संख्या 505, रकबा 0.113 हेक्टेयर) का रकबा मौके पर कम था। इसके समाधान के लिए उन्होंने धारा 24 (उ०प्र० राजस्व संहिता 2006) के तहत उपजिलाधिकारी न्यायालय महोली में मुकदमा (श्रीमती रेनू देवी बनाम महिपाल आदि, वाद संख्या: T202510640008287) दर्ज कराया था।
​न्यायालय द्वारा सुनवाई के बाद 31 दिसंबर 2025 को उक्त भूमि की पुनः पैमाइश (सीमांकन) कराने का आदेश पारित किया गया था।

​लापरवाही का आरोप

​पीड़िता रेनू देवी का आरोप है कि न्यायालय का आदेश पारित हुए महीनों बीत जाने के बाद भी क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक द्वारा आज तक मौके पर जाकर पैमाइश नहीं की गई है। पीड़िता ने बताया कि वे इस संबंध में कई बार राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार महोली से व्यक्तिगत रूप से निवेदन कर चुकी हैं, लेकिन अब तक आदेश का अनुपालन नहीं कराया गया है।

​पैमाइश और मेडबंदी की मांग

​न्यायालय के आदेशों की अनदेखी से परेशान होकर पीड़िता ने 13 अगस्त 2026 को उपजिलाधिकारी महोली को पुनः प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर गुहार लगाई है कि दिनांक 31.12.2025 के अदालती आदेश का अनुपालन कराया जाए और भूमि गाटा संख्या 505 की पैमाइश कराकर जल्द से जल्द मेडबंदी (सीमांकन) की कार्रवाई पूरी की जाए।

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