November 3, 2026 7:00 pm

ऑपरेशन कवच: घबराएं नहीं तत्काल पुलिस को सूचना दें: आईपीएस किरन यादव 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। डिजिटल युग में सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरें या वीडियो उसकी सहमति के बिना साझा करना, वायरल करना, मॉर्फ्ड तस्वीरों के माध्यम से बदनाम करना अथवा निजी सामग्री के जरिए ब्लैकमेल करने से सम्बन्धित शिकायतें सामने आ रहीं है। ऐसे मामलों में कई पीड़ित सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक प्रतिक्रिया एवं बदनामी के डर से शिकायत करने में संकोच करते हैं।

इन परिस्थितियों के दृष्टिगत ऑपरेशन डिजिटल कवच के अंतर्गत लखनऊ पुलिस नागरिकों को जागरुक किया जा रहा है कि यदि किसी की निजी तस्वीरें या वीडियो लीक हो जाएँ, तो घबराएँ नहीं और न ही स्वयं को दोषी मानें। पीड़ित के पास पुलिस में शिकायत करने, संबंधित प्लेटफॉर्म से सामग्री हटाने का अनुरोध करने तथा कानून के अंतर्गत कार्रवाई की मांग करने के विकल्प उपलब्ध हैं।

1. निजी तस्वीरें या वीडियो लीक होने पर तत्काल क्या करें?

2. डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें: संबंधित पोस्ट, URL, प्रोफाइल लिंक, स्क्रीनशॉट, चैट, धमकी भरे संदेश एवं अन्य उपलब्ध जानकारी सुरक्षित रखें। सामग्री को आगे साझा न करें।

3. ब्लैकमेल के आगे न झुकें: यदि कोई व्यक्ति तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर पैसे, अतिरिक्त तस्वीरें या कोई अन्य अनुचित मांग करता है, तो उसकी मांग पूरी करने के बजाय पुलिस को सूचित करें।

4. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें: संबंधित पोस्ट, वीडियो या अकाउंट को रिपोर्ट कर सामग्री हटाने का अनुरोध करें।

5. पुलिस से संपर्क करें: नजदीकी पुलिस थाने अथवा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएँ।

6. डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करें: ईमेल एवं सोशल मीडिया के पासवर्ड बदलें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें।

7. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत

साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in उपलब्ध है।

ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

आधिकारिक पोर्टल खोलें।

चरण 2: उपलब्ध विकल्पों में घटना के अनुरूप संबंधित साइबर अपराध की श्रेणी चुनें।

चरण 3: पोर्टल के निर्देशों के अनुसार घटना का विवरण, संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट या URL, घटना की तारीख तथा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य दर्ज करें।

चरण 4: आवश्यक विवरण की जाँच कर शिकायत सबमिट करें।

चरण 5: शिकायत सबमिट होने के बाद प्राप्त acknowledgement number अथवा संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें, ताकि उपलब्ध सुविधा के अनुसार शिकायत की स्थिति देखी जा सके।

पीड़ित को शिकायत में घटना का सही विवरण देना चाहिए। यदि सामग्री अभी भी ऑनलाइन उपलब्ध है, तो संबंधित लिंक और प्लेटफॉर्म की जानकारी देना उपयोगी हो सकता है।

Anonymous Complaint की सुविधा

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित कुछ निर्धारित श्रेणियों के मामलों में Report Anonymously का विकल्प उपलब्ध है।

Anonymous Complaint दर्ज करने के

www.cybercrime.gov.in खोलें।

Women/Children Related Crime विकल्प चुनें।

. उपलब्ध होने पर Report Anonymously का चयन करें।

घटना एवं उपलब्ध तथ्यों का विवरण भरें।

विवरण की जाँच कर शिकायत सबमिट करें।

Anonymous Complaint का विकल्प सभी प्रकार के साइबर अपराधों के लिए उपलब्ध नहीं है। यदि मामला किसी अन्य श्रेणी में आता है, तो संबंधित शिकायत विकल्प चुनें। गुमनाम सूचना देने और औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया अलग हो सकती है। आगे की जाँच के लिए अतिरिक्त जानकारी या औपचारिक शिकायत की आवश्यकता पड़ सकती है।

StopNCII.org: निजी तस्वीरों के ऑनलाइन प्रसार को रोकने में सहायता

StopNCII.org एक निःशुल्क ऑनलाइन टूल है, जो वयस्कों की बिना सहमति साझा की जाने वाली निजी एवं यौन तस्वीरों या वीडियो के ऑनलाइन प्रसार को रोकने में सहायता करता है।

इस टूल में संबंधित तस्वीर या वीडियो का डिजिटल फिंगरप्रिंट, जिसे Hash कहा जाता है, उपयोगकर्ता के डिवाइस पर ही तैयार किया जाता है। वास्तविक तस्वीर या वीडियो वेबसाइट पर अपलोड नहीं होता। Hash को भाग लेने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ साझा किया जाता है, जिससे वे अपनी सेवाओं पर मेल खाने वाली सामग्री की पहचान कर अपनी नीतियों के अनुसार कार्रवाई कर सकें।

StopNCII.org इस्तेमाल करने के चरण

आधिकारिक वेबसाइट www.stopncii.org खोलें।

चरण 2: Create Your Case विकल्प चुनें और पात्रता संबंधी निर्देश पढ़ें।

चरण 3: अपने डिवाइस पर उपलब्ध संबंधित तस्वीर या वीडियो चुनें।

चरण 4: टूल के माध्यम से डिजिटल Hash तैयार करें और निर्देशानुसार प्रक्रिया पूरी करें।

चरण 5: प्राप्त केस नंबर एवं आवश्यक विवरण सुरक्षित रखें और उपलब्ध विकल्प के माध्यम से केस की स्थिति देखें।

यह पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का विकल्प नहीं है।

नाबालिगों के मामलों में: यदि संबंधित यौन तस्वीर या वीडियो बनाए जाने के समय व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से कम थी, तो Take It Down जैसे उपयुक्त टूल की जानकारी ली जा सकती है। ऐसी सामग्री को डाउनलोड, कॉपी या आगे साझा नहीं करना चाहिए। बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित कर पुलिस को सूचना दें।

निजी तस्वीरें लीक करने या वायरल करने वालों के विरुद्ध कानूनी प्रावधान

 

प्रकरण की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़ित की आयु और आरोपी की भूमिका के आधार पर निम्नलिखित कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66E: किसी व्यक्ति के निजी अंगों की तस्वीर उसकी सहमति के बिना, निजता का उल्लंघन करते हुए कैप्चर, प्रकाशित या प्रसारित करने पर लागू हो सकती है। इसमें अधिकतम 3 वर्ष का कारावास, ₹2 लाख तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।

धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने पर प्रथम दोषसिद्धि में अधिकतम 3 वर्ष का कारावास और ₹5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

• धारा 67A: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यौन रूप से स्पष्ट कृत्य या आचरण वाली सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने पर प्रथम दोषसिद्धि में अधिकतम 5 वर्ष का कारावास और ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

• भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 77 (Voyeurism): निर्धारित परिस्थितियों में किसी महिला के निजी कृत्य की तस्वीर लेना या प्रसारित करना दंडनीय हो सकता है। प्रथम दोषसिद्धि में 1 से 3 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना तथा दूसरी या बाद की दोषसिद्धि में 3 से 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

धमकी देने, ब्लैकमेल करने, जबरन धन वसूलने, पीछा करने या अन्य अपराधों की स्थिति में तथ्यों के अनुसार अतिरिक्त कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। प्रत्येक मामले में संबंधित धाराओं का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर किया जाएगा।तत्काल सहायता हेतु

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन एवं संपर्क

112 — आपातकालीन पुलिस सहायता: तत्काल खतरे या आपातकालीन पुलिस सहायता की आवश्यकता होने पर।

1090 — उत्तर प्रदेश महिला पावर लाइन: महिलाओं से संबंधित उत्पीड़न एवं सहायता के लिए।

1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन: संकट में फँसे बच्चों की सहायता के लिए।

1930 — साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए।

ऑनलाइन साइबर शिकायत: www.cybercrime.gov.in

निजी तस्वीरों के प्रसार की रोकथाम के लिए: www.stopncii.org

नाबालिगों की पात्र सामग्री के लिए

निजी तस्वीरें लीक होने के मामलों में केवल 1930 पर निर्भर न रहें; उपयुक्त ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें या पुलिस से सीधे संपर्क करें।

ऑपरेशन डिजिटल कवच के अंतर्गत लखनऊ पुलिस की सभी नागरिकों से अपील है कि यदि किसी की निजी तस्वीरें या वीडियो बिना सहमति के सोशल मीडिया पर वायरल किए जाते हैं या उनके माध्यम से ब्लैकमेल किया जाता है, तो डरें नहीं, चुप न रहें। यह आपकी गलती नहीं है और आपके पास कानूनी सहायता के विकल्प उपलब्ध हैं।

तत्काल खतरे की स्थिति में 112 पर संपर्क करें, साइबर अपराध की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें और पात्र मामलों में StopNCII.org की सहायता लें। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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