सिलसिलेवार घटनाओं से सहमे लोग, छह दिन में पांच सनसनीखेज वारदात से हिली राजधानी
ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लोग कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। बदमाशों ने जहां चाहा और जहां चाहा सरेराह और सरे शाम खून बहाया और पुलिस गश्त करने का दावा करती रह गई। कमिश्नरेट पुलिस की नाकामी पर गौर करें तो सआदतगंज में पिता-पुत्र सहित तीन लोगों को गोलियों से दिनदहाड़े भून दिया गया। इस तिहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझ भी नहीं पाई थी इसी थाना क्षेत्र में रेहान नाम के युवक की बदमाशों ने बेरहमी से चाकू मारकर मौत की नींद सुला दिया, जबकि शनिवार को ही माल थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने अधेड़ व्यक्ति नन्हके रावत के सिर पर किसी भारी वस्तु से वारकर मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस भले ही लोगों की सुरक्षा और अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाने का दावा कर रही हो लेकिन कड़वा सच यह कि बदमाशों के आगे पुलिस नतमस्तक होकर रह गई है।
यहां के रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। एक सप्ताह के भीतर पांच लोगों की हुई हत्या से साफ है कि अब बदमाशों के भीतर पुलिस का खौफ नहीं रहा। तिहरे हत्याकांड के बाद एक युवक सहित दो लोगों की शनिवार को दो लोगों की हुई हत्या ने एक बार फिर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।




