यूपी से लेकर कन्याकुमारी तक नेटवर्क बना लाखों रुपए बटोरे
शुक्रवार को भंडाफोड़ होने के बाद खुला राज तो अफसर भी रह गए सन्न
डेनियल ने अपने गांव के ही रहने वाले दो परिवारों को धर्म परिवर्तन कर बनाया ईसाई
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी में धर्म परिवर्तन कराने का मामला थम नहीं रहा है। कोई सनातन धर्म के लोगों को धर्मांतरण कराने में तो कोई हिन्दू धर्म को ईसाई धर्म परिवर्तन करने के लिए लालच देकर लोगों के धर्म से खिलवाड़ कर रहा है। अवैध धर्मांतरण के आरोप में मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित भरसवा बरवलिया से डेनियल और उसकी पत्नी सुबला सहित सात लोगों की गिरफ्तारी से सामने आया है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है जिनका बलरामपुर निवासी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की तरह यूपी के अलावा तमिलनाडु सहित अलग-अलग राज्यों तक अपनी जड़ें फैला रखा है। डेनियल ने गिरोह बनाकर भोले-भाले लोगों को लालच देकर हिंदू धर्म के मानने वाले लोगों ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था।
बताया जा रहा है कि संगठित गिरोह अबतक सैकड़ों हिंदुओं को निशाना बनाकर उन्हें ईसाई धर्म परिवर्तन करा चुका है। हालांकि पुलिस के आलाधिकारी इस मामले में सिर्फ इतना ही बता रहे हैं कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है जो बीमारी, आर्थिक मदद सहित कई चीजों का लालच देकर बकायदा गांव-गांव जाकर चौपाल लगाकर लोगों को बरगलाते थे।
इस संगठित गिरोह की परतें तब खुली जब इंस्पेक्टर मोहनलालगंज रामबाबू सिंह की टीम ने शुक्रवार को सरगना डेनियल सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया।
जानकार बताते हैं कि डेनियल सिर्फ राजधानी लखनऊ ही नहीं तमिलनाडु सहित कई राज्यों में ईसाई धर्म अपनाने के लिए अपना नेटवर्क बना रखा है। उसने बड़ी संख्या में लोगों का अवैध धर्मांतरण कराकर लाखों रुपए बटोर चुका है।
बताया जा रहा है कि डेनियल मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित हरिकंश गढ़ी गांव का मूल निवासी है और वह 16 साल की उम्र में ईसाई धर्म अपनाने के बाद सुबला नाम की महिला से शादी करने के बाद से गिरोह बनाकर ईसाई धर्म को अच्छा बताते हुए प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था। इस मामले में पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि अभी गिरोह के बारे में गहनता से छानबीन की जा रही है और यह जानकारी एकत्र की जा रही है कि गिरोह अबतक कितने लोगों का धर्मांतरण करा चुका।





