इस थ्योरी पर चल रही पुलिस की जांच पड़ताल, पांच दिन बाद भी नतीजा शून्य
हत्यारों की तलाश में जुटी चार पुलिस की टीमें
टीम ने झोंकी पूरी ताकत फिर भी नहीं मिले खूनी लुटेरे
खुर्रमपुर गांव में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। बंथरा थाना क्षेत्र के खुर्रमपुर गांव निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला छिदाना गौतम की हत्या के मामले में पुलिस की चार टीमें छानबीन कर रही है। पुलिस सर्विलांस की मदद से हत्यारों की तलाश में जुटी, लेकिन अब पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है कि आखिर छिदाना की जान किसने और क्यों ली। कातिलों की खोज में पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन पांच दिन गुजरने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
जानकार सूत्र बताते हैं कि पुलिस की अबतक की छानबीन में सामने आया है कि जो शख्स बुजुर्ग महिला छिदाना गौतम में ठहरा था, उसी ने हत्या की है। यह शख्स अक्सर घर आता-जाता था। हालांकि उस व्यक्ति के बारे में पुलिस अबतक कोई ठोस सुराग नहीं लगा सकी है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि संदेह के घेरे में आए कई संदिग्धों को पुलिस हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
पुलिस की टीमें इलाकाई सूचीबद्ध बदमाशों के बारे में गहन जांच पड़ताल की पर उनसे भी कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा। इस मामले में डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक का कहना है कि कातिलों की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे।
छिदाना हत्याकांड ही नहीं इससे पहले भी कई संगीन घटनाओं में फेल हो चुकी है
गौर करें तो दस जुलाई 2014 को गोसाईगंज क्षेत्र के गंजरिया फार्म के जंगल में दो युवकों के हत्या कर फेंकें गए शव मिले थे। इस दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने कई तरह की थ्योरी अख्तियार की, लेकिन आज तक न तो शवों की शिनाख्त करा सकी और न ही कातिलों का कुछ सुराग मिला।
इसके अलावा चार दिसंबर 2015 को मड़ियांव थाना क्षेत्र के आईआईएम रोड पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में तीन जगहों पर चार पैर व महिलाओं के दो धड़ मिले थे। दोनों के सिर गायब थे। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस शवों की शिनाख्त कराने तथा कातिलों को खोजने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन अभी तक न तो शवों की पहचान हो सकी और न ही हत्यारे मिले।
यह तो बीते कुछ सालों की बात है हाल की घटना पर गौर करें तो नौ अप्रैल 2026 को काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर मदारपुर गांव के पास एक महिला की हत्या कर लाश मिली थी। इस मामले में भी पुलिस कातिलों की तलाश में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन करने का दावा किया, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी पुलिस हत्यारों का कुछ सुराग नहीं लगा सकी। यह तो महज बानगी भर है इससे पहले भी कई मामलों में लखनऊ पुलिस नाकाम साबित हो चुकी है।





