मलिहाबाद, लखनऊ। (संवाददाता) निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा के नाम पर अभिभावकों की जेब ढीली करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मलिहाबाद क्षेत्र में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और किताबों (कोर्स) के नाम पर की जा रही अवैध वसूली के खिलाफ ‘सामाजिक न्याय महासभा’ ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने गुरुवार को जिलाधिकारी लखनऊ और जिला शुल्क नियामक समिति के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
3000 से 5000 रुपये तक वसूले जा रहे कोर्स के नाम पर
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष जीशान वली द्वारा दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के निजी विद्यालय प्रबंधन बच्चों के कोर्स के नाम पर अभिभावकों से अत्यधिक धनराशि वसूल रहे हैं। यह भी शिकायत की गई है कि स्कूलों द्वारा अभिभावकों को किसी एक निश्चित दुकान से ही सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि वही किताबें बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध हैं।
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि मलिहाबाद क्षेत्र के सभी निजी विद्यालयों की जांच कराकर कोर्स के नाम पर हो रही अवैध वसूली रोकी जाए।
दुकान की बाध्यता खत्म हो: अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य करने पर प्रतिबंध लगे। NCERT अनिवार्य हो: सरकारी आदेशानुसार केवल NCERT की पुस्तकें लागू की जाएं और निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें थोपने वाले स्कूलों पर कार्रवाई हो।
बिना बिल के बिक्री: कई स्थानों पर अभिभावकों को पक्का बिल तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध है। शिकायत हेतु ईमेल आईडी: अभिभावकों की शिकायतों के लिए जिला शुल्क नियामक समिति की एक आधिकारिक ईमेल आईडी सार्वजनिक की जाए।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश हैं कि निजी स्कूलों में NCERT पाठ्यक्रम ही चलाया जाए, लेकिन स्कूल प्रबंधन निजी स्वार्थ के लिए निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें बेच रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की गई, तो अभिभावकों के हितों के लिए बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।





