मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ की विकास खण्ड माल की ग्राम पंचायत बसंतपुर में सड़कों की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। ग्राम पंचायत के बसंतपुर के जगदीशपुर में नया तालाब के पास का रास्ता हो या बसंतपुर गांव का मुख्य मार्ग, दोनों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, मुख्य मार्ग का निर्माण भी नहीं कराया गया है, जबकि नया तालाब के पास रास्ते पर कीचड़ और गड्ढों के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। ऐसे में पंचायत में विकास कार्यों पर 33 लाख रुपये से अधिक खर्च होने के दावे के बीच धरातल पर विकास कार्यों की स्थिति जांच के दायरे में है।
मुख्य मार्ग तक नहीं बना, ग्रामीणों की परेशानी बरकरार
बसंतपुर गांव के मुख्य मार्ग का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जगदीशपुर में नया तालाब के पास रास्ते पर कीचड़ और गड्ढों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है, तो गांव के मुख्य मार्ग और अन्य रास्तों की समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ?
33 लाख रुपये के खर्च के दावे पर जवाबदेही जरूरी
ग्राम पंचायत बसंतपुर में विकास कार्यों पर 33 लाख रुपये से अधिक खर्च होने के दावे के बीच ग्रामीणों ने कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है। किन कार्यों पर कितनी धनराशि खर्च हुई, कौन से निर्माण कार्य पूरे हुए और किन कार्यों का भुगतान किया गया, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए। साथ ही, अभिलेखों में दर्ज कार्यों का मौके पर सत्यापन भी जरूरी है।
बिल-बाउचर और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग
पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं और बिल-बाउचर उपलब्ध न कराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। संबंधित अधिकारियों को पंचायत के अभिलेखों, भुगतान विवरण और मौके पर कराए गए कार्यों का मिलान कर जांच करनी चाहिए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों को चाहिए बदहाल सड़कों से निजात
बसंतपुर गांव के मुख्य मार्ग और जगदीशपुर में नया तालाब के पास के रास्ते की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराने और आवश्यक निर्माण कार्य कराने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान केवल कागजी दावों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धरातल पर भी दिखाई देगा।
अब सवाल यह है कि 33 लाख रुपये से अधिक खर्च होने के दावे के बावजूद बसंतपुर गांव का मुख्य मार्ग क्यों नहीं बना और जगदीशपुर में रास्ते की बदहाली दूर करने के लिए कब कदम उठाए जाएंगे? ग्रामीणों को विकास के दावों के साथ-साथ बेहतर सड़कें और बुनियादी सुविधाएं भी चाहिए जिसकी जिम्मेदारी सरकार द्वारा ग्राम प्रधान एवं सचिव द्वारा दी गई थी लेकिन यह लोग अपनी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा पा रहे हैं जिसके लिए इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से अनुरोध कर रहे हैं की हमारी समस्याएं की अपने स्तर से जांच कर कर जो इसमें दोषी पाए जाएं उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग ग्रामीणों के मन में चर्चा चल रही है और इस समस्या का मैसेज टाइप कर वायरल किया गया है ताकि जिम्मेदार की जांच उनके विरुद्ध कानूनी करवाई हो सके । हमारी सारी समस्याएं ध्यान में लेकर निस्तारण कराए जाने की चर्चा चल रही है।




