यूपी पुलिस व एएनटीएफ का ‘नशे पर प्रहार’ अभियान, एनडीपीएस में अस्सी करोड़ की सम्पति जब्त
डीजीपी राजीव कृष्ण बोले, 2029 तक यूपी को बनाएंगे नशा मुक्त
ए अहमद सौदागर लखनऊ। भारत सरकार के वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के नेतृत्व में मादक पदार्थ तस्करों पर अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई शुरू हो गई है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने आंकड़े जारी किए हैं जो बताते हैं कि यूपी में नशे के नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई है।
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक
पीट एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्धीकरण में यूपी पुलिस ने रिकॉर्ड बनाया है।वर्ष 2024 में प्रदेश में 07 अभ्यस्त तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वही वर्ष 2025 में 19 तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई हुईं। इसके अलावा वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक 71 अभ्यस्त तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।इसमें अकेले एएनटीएफ ने 33 तस्करों को निरुद्ध किया। यह वर्ष 2024 की तुलना में 10 गुना अधिक है।
प्रदेश के कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर गुरमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शशिमणि पटेल एवं परमानंद उर्फ पप्पू जैसे बड़े नाम पीट एनडीपीएस में निरुद्ध कर जेल भेजे जा चुके हैं।इस कररवाई
80 करोड़ की अवैध कमाई जब्त की गई। जिसमें 80 गुना वृद्धि हुईं हैं।एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई ) व 68(एफ ) के तहत तस्करों की अवैध संपत्ति जब्ती में भी यूपी टॉप पर है।
पुलिस मुख्यालय की माने तो 2024 में 04 प्रकरणों में 01 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। जबकि 2025 में 29 प्रकरणों में 19 करोड़ की संपत्ति जब्त हुईं। वही 2026 (23 सितंबर तक) 69 प्रकरणों में लगभग 80 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त जब्त हुई जिसमें एएनटीएफ ने 40 प्रकरणों में 13 करोड़ की कार्रवाई की। यह 2024 की तुलना में 80 गुना वृद्धि है।अभी तक कुल जब्ती मूल्य 78.5 करोड़ रुपये हैं।
पुलिस मुख्यालय की माने तो पीट एनडीपीएस एक्ट में प्रवेशन ऑफ़ इलिसीत ट्रैफिक इन एनडीपीएस एक्ट , 1988 के तहत बार-बार नशे का कारोबार करने वाले अभ्यस्त तस्करों को बिना जमानत के हिरासत में रखा जा सकता है।
धारा 68(ई ) व 68(एफ ) (संपत्ति जब्तीकरण) में नशे की तस्करी से कमाई गई अवैध संपत्ति को सरकार पहले फ्रीज और फिर स्थायी रूप से जब्त कर लेती है, ताकि तस्कर आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाए।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि, नशा युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है और परिवारों के साथ समाज को भी खोखला करता है। यूपी पुलिस और एएनटीएफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल तस्कर को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे से कमाई गई अवैध संपत्ति को जब्त करना भी है। युवाओं और समाज को नशे की ओर धकेलने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
डीजीपी नें कहा कि डीजीपी मुख्यालय स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है और 2029 तक उत्तर प्रदेश को नशामुक्त राज्य घोषित करने के लक्ष्य पर काम हो रहा है।





