July 30, 2026 3:20 am

विकासनगर: पांच सौ झोपड़ियां पल भर हुईं राख, दो मासूम बच्चों की थमीं सांसें 

देखते ही देखते लाखों की गृहस्थी राख में हुई तब्दील 

दूसरे दिन भी वहां रहा मातम का माहौल, चारों ओर गूंज रही थी तड़प और रोने की आवाज 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। विकासनगर क्षेत्र के सेक्टर 14 रिंग रोड स्थित खाली मैदान में बनी करीब पांच सौ झोपड़ियों में बुधवार शाम पांच बजे लगी भीषण आग के बाद झोपड़ी वासी सहम गए। इस हादसे में बाराबंकी जिले के राम सनेही घाट निवासी सतीश के दो मासूम बच्चों की झुलसकर मौत मौत हो गई, जबकि करीब पचास से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए, लेकिन खास बात यह है इस मामले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मौन नजर आ रहा है। घायलों की संख्या बताने से कतरा रहे हैं।

दूसरे दिन भी वहां रहा मातम का माहौल,

चारों ओर बस चीख-पुकार, लोगों की बस एक ही पुकार साहब कुछ नहीं बचा,

 

टेढ़ी पुलिया से कुछ दूरी पर रिंग रोड स्थित सड़क किनारे बसी झुग्गी-झोपड़ियों में हुए हादसे के बाद लोगबाग सहमे हुए हैं। गुरुवार को भी यहां मातम का माहौल था। चारों ओर चीख-पुकार मची थी, आसपास के लोग अपना-अपना काम छोड़कर हादसे की चर्चा करते नजर आए। आग की चपेट में आकर उनकी गाढ़ी कमाई जलकर राख हो गई। वह अपनी-अपनी झोपड़ियों की तस्करी की निशानी पर निहार रहे थे। राख में तब्दील हुई झोपड़ियों की दशा ने उन्हें तोड़ कर रख दिया। दो मासूमों का शव राख के ढेर से निकलते ही मानो वहां कोहराम मच गया और लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था।

पर्दा डालने में नहीं रही कमी, सिलेंडरों के विस्फोट की चपेट में आकर कई मासूमों के उड़े हाथ

 

रिंग रोड स्थित सड़क किनारे बनी झोपड़ियों में लखनऊ के अलावा सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी व कुछ कूड़ा बीनने वाले आसामी रहते हैं। झोपड़ी वासियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन भले ही दो मासूम बच्चों के मौत होने की बात बता रहे हों लेकिन कड़वा सच यह है कि धड़ाधड़ गैस सिलेंडरों में हो रहे विस्फोट की चपेट में आकर कुछ मासूम बच्चे के हाथ चीथड़े बनकर हवा में उड़ गए। आरोप है कि राख के ढेर से मिले हाथों को पुलिस ने जमीन में गाड़ दिया है, ताकि लोगों या फिर मीडिया कर्मियों को इसकी भनक तक न लग सके।

 लल्लू के बेटे की गुरुवार को जानी थी बारात

सारी खुशियां चंद मिनटों में ही हुई मातम में बदल गई

 

मोम श्री के मुताबिक गुरुवार को उनके नाती की बारात जानी थी। बुधवार को उनकी झोपड़ी की दहलीज पर मेहमान नाश्ता कर रहे थे कि शाम करीब पांच बजे अचानक झोपड़ियों में आग लग गई और देखते ही देखते वहां पर बनी झोपड़ियां पल भर में ही राख में तब्दील हो गई।

बारात जाने की तैयारी चल रही थी और घरवालों में खुशी का माहौल था, लेकिन शायद कुदरत को मंजूर नहीं था और पूरी गृहस्थी राख बन गई। इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। घटना के दूसरे दिन भी वहां मातम का माहौल है। पुलिस अफसरों की आवाजाही लगी हुई है।

डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा का बयान

इस मामले में डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा ने बताया कि मामले की छानबीन के बाद सामने आया है कि दो मासूम बच्चों की झुलसकर मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इस घटना में कितने लोग जख्मी हुए हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।

आग की लपटों के बीच घंटे भर होते रहे धमाके

रिंग रोड स्थित सड़क किनारे बसी झुग्गी-झोपड़ी में आग लगने के बाद लोगों की झोपड़ी में रखे गैस सिलेंडरों में करीब घंटे भर तक धमाके होते रहे। आग की लपटों के बीच रह-रहकर हो रहे विस्फोट से आसपास के लोग सहमे रहे। दमकल व पुलिसकर्मियों को भी बार-बार पीछे हटना पड़ा। मलबे में पानी डाले जाने के बाद धमाकों का सिलसिला थमा। इसके बाद ही उसमें दबे दो मासूम बच्चों के शव को बाहर निकाला जा सका। वहीं आग की लपटें और धुआं का गुब्बार भी मानो आसमान छू रहा था।

63
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!