पुलिस की गाड़ियों को किया आग के हवाले, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
तैयारी नाकाम, पुलिस-प्रशासन दिखा फेल, पुलिस पर भारी पड़ी भीड़
ए अहमद सौदागर लखनऊ। नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि को लेकर श्रमिक सड़क पर आ गए। सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा होने की खबर मिलते पुलिस के आलाधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस का भीड़ मैनेजमेंट नाकाम दिखा।
वेतन कम मिलने के मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और उग्र श्रमिकों के बीच घमासान से एक बात साबित हो गई कि यूपी पुलिस भीड़ से कैसे काबू पाना है यह सपना देख रही पुलिस अभी कहकरा सीखने की जरूरत है।
सड़कों पर खून से लथपथ चेहरे और जलते तथा टूटते वाहन पुलिस के आधुनिक चोले पर तो सवाल उठाते ही हैं साथ ही इस बात की ओर करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद अबतक भीड़ से निपटने के गुर तक नहीं सीख पाई है।
लोगों को रोकने का इंतजाम नहीं हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र रूप धारण ले लिया। कंपनी की लापरवाही का नतीजा कि कई श्रमिकों कई पुलिस के जवान भी चोटिल होने के साथ कई सरकारी वाहन जले और क्षतिग्रस्त हो गए।
बताया जा रहा है कि कई बार फैक्ट्री प्रशासन के आश्वासन के बाद तनख्वाह में इजाफा नहीं हुआ तो सोमवार को श्रमिकों का ग़ुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
बवाल पर नाकाम दिखा पुलिसिया तंत्र
फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों ने कई बार वेतन वृद्धि को लेकर आवाज़ उठाई थी। उनका आरोप है कि जितनी रकम प्रतिमाह मिल रही है उससे उनके परिवार का जीवन यापन नहीं हो पा रहा है, लिहाजा तनख्वाह बढ़ाई जाए। मांग न पूरी होने पर सोमवार को उनका आक्रोश उबल पड़ा और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
बवाल कराने की साज़िश रचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीजीपी
सूबे के डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को नोएडा में हुई हिंसा के बारे में कहा कि पुलिस श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा करवाने वाले तथा भड़काने वाले अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की पहचान हो गई और जल्द ही उनका चेहरा बेनकाब हो जाएगा।





