चाचा के दम पर फूलता था कातिल ऋषभ शुक्ला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला निवासी शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र उर्फ शंभू व सुयश तिवारी की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस सलाखों के पीछे भेजा, लेकिन खूनी खेल खेलने वाले ऋषभ शुक्ला का हिस्ट्रीशीटर चाचा राजेश शुक्ला अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
नामजद हिस्ट्रीशीटर की तलाश में पुलिस की टीमें अलग-अलग दिशाओं में पड़ताल कर उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। जानकार बताते हैं कि सोमवार सुबह जब सनसनीखेज वारदात हुई तो मौके पर कुख्यात राजेश शुक्ला मौजूद रहा और उसका इशारा मिलते ही उसका भतीजा ऋषभ शुक्ला ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर तीन लाशें बिछा दी। हालांकि जांच-पड़ताल में जुटे पुलिस अधिकारी इस मामले में अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं बस उनका कहना है कि फरार चल रहे राजेश की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
फरार चल रहा राजेश, मृतक शिवाजी का परिवार दहशत में
सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला निवासी शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व सुयश तिवारी हत्याकांड के मामले में पुलिस ने नामजद हत्यारोपी ऋषि शुक्ला व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा, लेकिन फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला को लेकर मृतक शिवाजी तिवारी का परिवार दहशत के साये में जी रहा है।
राजेश शुक्ला और उसकी भतीजी दिव्या की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही राजेश सलाखों के पीछे होगा। वहीं शिवाजी तिवारी के परिवार में एक-एक दिन एक-एक साल के बराबर बीत रहा है। दिन में रात होने का इंतजार रहता है और रात को लगती है कि सूरज क्यों नहीं निकल रहा। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर पीड़ित परिवार की दहलीज पर पुलिस का पहरा लगा हुआ है लेकिन इसके बावजूद खूंखार राजेश शुक्ला की दहशत उनके दिलो-दिमाग में इस कदर समा गई है जो चाह कर भी नहीं निकल पा रही है।
सनद रहे कि नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला में रहने वाले 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी शक्ति भवन से स्टोनो पद से सेवानिवृत्त थे। भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी, पत्नी उषा तिवारी बेटे सुयश तिवारी के साथ रहते थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे शिवेंद्र मंदिर में पूजा करने जा रहे थे कि इसी दौरान हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला, ऋषभ शुक्ला, गिरीश, दिनेश, मुन्ना, दिव्या, प्रिया, अदिति सहित अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। वह कुछ समझ पाते कि हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला का इशारा मिलते ही ऋषभ शुक्ला ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। चीख-पुकार सुनकर शिवाजी उनके बेटे सुयश तिवारी बचाने के लिए आगे बढ़े तो ऋषभ उन पर भी गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया। पुलिस मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला, सतीश, गिरीश, दिनेश, प्रिया और अदिति को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा, लेकिन हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। बताया जा रहा है पुलिस की पांच टीमें फरार आरोपितों की खोज में जुटी है, लेकिन चौथे दिन भी पुलिस के हाथ खाली है।
कहीं घात में तो नहीं है फरार हिस्ट्रीशीटर
तिहरा हत्याकांड के मामले में पुलिस ने भले ही मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला सहित तीन को पकड़ कर जेल भेजा, लेकिन हिस्ट्रीशीटर राजेश पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो हिस्ट्रीशीटर किसी बड़ी वारदात करने की तैयारी कर रहा है लिहाजा इसकी भनक लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है कि कहीं घात लगाए बैठे हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला कुछ कर न बैठे। इसे लेकर पुलिस में खासा बेचैनी बढ़ गई है।




