April 22, 2026 4:20 pm

सड़क दुर्घटनाओं में सुधार न करने वाले पांच थाना प्रभारी लाइन हाजिर 

डीजीपी ने दो सीओ यातायात के खिलाफ दिए प्रारम्भिक जाँच के आदेश

समीक्षा बैठक में कसे अफसरों के पेंच 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक के तेवर आज सख्त दिखे सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित सुधार नही करने वाले 05 थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर व दो सीओ यातायात के खिलाफ प्रारम्भिक जाँच के आदेश देते हुए । आगामी पर्वों एवं विभिन्न आयोजनों की पूर्व तैयारी की समीक्षा कर आयोजकों से समन्वय स्थापित कर पुख्ता पुलिस प्रबन्ध किये जाने के निर्देश दिए है।

डीजीपी राजीव कृष्णा नें आईजीआरएस औऱ जनशिकायत निस्तारण प्रणाली में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ अधिकारियों को स्वयं जनसुनवाई करनें के कड़े निर्देश दिये।डीजीपी नें जेडएफडी औऱ सी-आरटीसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए यातायात प्रबंधन में सुधार, ई-साक्ष्य के सुदृढ़ क्रियान्वयन तथा ‘यक्ष’ एप के माध्यम से प्राप्त बीट सूचनाओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण नें सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक के साथ ऑनलाइन माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की।इस बैठक में यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग के दिशा-निर्देश दिये। प्रदान किए गए।पुलिस महानिदेशक नें कहा कि सभी जनपद आगामी पर्व, महापुरूषों की जयंती व आयोजनों को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाये तथा आवश्यक पुलिस प्रबंध किये जाये ।

डीजीपी नें कहा कि सडक दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश के 07 पुलिस कमिश्नरेट एवं 68 जनपदों के 487 सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य थानों में ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना एक जनवरी से लागू की गयी है जिसके काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए है । चयनित किये गये 487 थानों में से 46 थाने ऐसे पाये गये जिनमें दुर्घटना की वृद्धि हुई है, तथा 05 थाने ऐसे पाये गये जिनमें दुर्घटनाओं में अत्याधिक वृद्धि हुई है। डीजीपी नें कहा कि इन समस्त थानो के थाना प्रभारियों थाना प्रभारी चोलापुर कमिश्नरेट वाराणसी दीपक कुमार व थाना प्रभारी कैम्पियरगंज, गोरखपुर जितेन्द्र सिंह व थाना प्रभारी छिबरामऊ, कन्नौज विष्णुकान्त तिवारी व थाना प्रभारी रामसनेही घाट, बाराबंकी जगदीश प्रसाद शुक्ला व थाना प्रभारी सिकरारा जौनपुर उदय प्रताप सिंह को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिये गये है।साथ ही जनपद बाराबंकी के क्षेत्राधिकारी यातायात आलोक कुमार पाठक एवं जौनपुर के क्षेत्राधिकारी यातायात गिरेन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध प्रारम्भिक जाँच के आदेश दिये गये हैं ।

डीजीपी नें समीक्षा बैठक में कहा कि थाने एवं चौकी स्तर पर जन शिकायतों के निस्तारण में सुधार आया है किन्तु कुछ जिलों में सुधार की आवश्यकता है। इसको लेकर उन्होंने जनपदीय प्रभारियों से कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से जन शिकायतों के निस्तारण की नियमित गहन समीक्षा कर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये।डीजीपी नें ई-साक्ष्य के कार्यान्वयन की समीक्षा करके सभी विवेचकों को इसके प्रभावी उपयोग हेतु समुचित प्रशिक्षण कराये जाने के निर्देश दिये । समीक्षा के दौरान अमित कुमार आनन्द, डीसीपी साउथ कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा ई-साक्ष्य एप के विभिन्न चरणो और तकनीकी पहलुओ पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया ।बीट स्तर पर तैनात सभी पुलिसकर्मी ‘यक्ष’ एप का नियमित एवं प्रभावी उपयोग करें।डीजीपी नें कहा कि प्राप्त सूचनाओं की सतत निगरानी क्षेत्राधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाए।बीट सूचना पर उसकी संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

डीजीपी नें कहा कि ‘यक्ष’ एप के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित अपराधों की रोकथाम के लिये कड़े कदम उठाए जाएं।डीजीपी नें कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधान के अनुरूप सामान्य विवेचनाओं में 60 एवं गम्भीर अपराधों की विवेचनाओं का 90 दिवस में निस्तारण के लक्ष्य के अनुरूप विवेचनाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा में आरोप पत्र दाखिल किए जाएं ।अफसर नियमित अर्दली रूम/पर्यवेक्षण करते हुये विवेचनाओं की समीक्षा कर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।डीजीपी नें जनपदों में स्थित समस्त न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए।प्रवेश द्वारों पर प्रभावी चेकिंग, सीसीटीवी की कार्यशीलता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ रखा जाए। व्यापार मंडल से संवाद स्थापित किया जाये।डीजीपी नें अन्य विभिन्न मामलों की समीक्षा कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये।

पुलिस महानिदेशक नें सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने जिलों मे सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराये। इसमें किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

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