उन्नाव औरास। (संवाददाता) मंगलवार देर रात प्रकृति के रौद्र रूप ने मियागंज और औरास क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। तेज आंधी के साथ हुई भारी बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटने के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल इस प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गई, जिससे क्षेत्र के अन्नदाता पूरी तरह टूट चुके हैं।
बेमौसम हुई इस बारिश और ओलों की मार से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि फसल पक कर तैयार थी, लेकिन इस आपदा ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें।
कुदरत के इस कहर का असर बिजली व्यवस्था पर भी बुरी तरह पड़ा। मियागंज से औरास जाने वाली मुख्य सड़क पर जगह-जगह विशालकाय पेड़ विद्युत लाइनों पर गिर गए, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिलते ही जूनियर इंजीनियर रामू लोधी अपनी टीम के साथ सक्रिय हो गए। देर रात से ही इंजीनियरिंग टीम गिरे हुए पेड़ों को हटाने और टूटे हुए तारों को जोड़ने के प्रयास में जुटी रही।
“हमारी टीम मौके पर डटी हुई है। पेड़ों के गिरने से लाइनों को काफी क्षति पहुंची है। हम जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।” — रामू लोधी, जूनियर इंजीनियर
हालांकि, कड़ी मशक्कत के बावजूद समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी। अंधेरे में डूबे गांवों के लोग अब जल्द से जल्द बिजली और सरकारी सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।





