औरास, उन्नाव। (संवाददाता) उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर बेहतर बुनियादी ढांचे और सुरक्षित सफर के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही इन दावों की धज्जियां उड़ा रही है। ताजा मामला जनपद के औरास थाना क्षेत्र का है, जहाँ हाजीपुर गोसा से मोहान को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित एक पुलिया निर्माण के कुछ माह बाद ही बदहाली के आंसू रो रही है।
6 महीने में ही जर्जर हुआ निर्माण: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (उत्तर प्रदेश लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ रजबहा औरास) द्वारा लगभग छह माह पहले ही निर्माण कार्य कराया गया था। लेकिन महज कुछ महीनों में ही पुलिया का टूटकर जर्जर हो जाना विभाग की कार्यप्रणाली और घटिया निर्माण सामग्री की पोल खोल रहा है।
सड़क के मोड़ पर ‘डेथ ट्रैप’: चूँकि यह पुलिया सड़क के ठीक घुमाव (मोड़) पर स्थित है, इसलिए यह राहगीरों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। अनभिज्ञ वाहन चालक अक्सर यहाँ हादसे का शिकार हो रहे हैं।
रात के अंधेरे में बढ़ता खतरा: रात के समय दृश्यता कम होने के कारण खतरा दोगुना हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ‘कुंभकर्णी नींद’ में सोए हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग को किसी बड़े और जानलेवा हादसे का इंतजार है।
पुलिया की इस दयनीय स्थिति को लेकर क्षेत्र के निवासियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से निम्नलिखित मांगें की हैं:
पुलिया की तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए।घटिया निर्माण के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई हो। क्षेत्रीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो वे अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।





