फर्जी लोन कराने के गिरोह का मददगार था मैनेजर, लेता था मोटी रकम
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रकम लोन योजना में फ्राड करने वाले यूनियन बैंक के ब्रांच मैनेजर नितिन चौधरी को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा बसंत बिहार
दिल्ली से गिरफ्तार किया।पकड़ा गया आरोपी नितिन चौधरी निवासी ग्राम-बागबहार, थाना-पवई, तहसील-फूलपुर जनपद-आजमगढ़। हाल पता प्लाट नं०- 16 राम आसरे पुरवा खरगापुर थाना गोमती नगर का है।पकड़ा गया आरोपी तत्कालीन ब्रांच मैनेजर यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा कल्यानपुर लखनऊ का है। उसके पास से एक मोबाइल फोन औऱ दो आधार कार्ड औऱ दो क्रेडिट कार्ड औऱ एक मैट्रो कार्ड व 2660 रूपये नकद बरामद किया।
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के रहने वाले राज बहादुर गुरुंग ने एसटीएफ मुख्यालय में उपस्थित होकर एक प्रार्थना पत्र दिया था कि उनको व्यवसाय हेतु कुछ रूपयों की जरूरत है। जिसके लिए वह एक व्यक्ति के माध्यम से लोन लेने के लिए बैंक के कुछ फार्मों पर हस्ताक्षर किये थे।उन्हें बताया गया कि तुम्हारा लोन नहीं हुआ। लगभग 5-6 महीने बाद राज बहादुर गुरुंग के मोबाइल पर ईएमआई ड्यू का मैसेज आया। तब राज बहादुर गुरुंग ने अपना सिविल स्कोर निकलवाया तो पता चला कि उसके नाम से दो लोन स्वीकृत हुए है।इसको लेकर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के पर्यवेक्षण मे एसटीएफ मुख्यालय की साइबर टीम नें मामले में कार्रवाई शुरू की।एसटीएफ टीम को पता चला कि यह एक संगठित गिरोह है.इस गिरोह में बैंक कर्मी फर्जी दस्तावेज व फर्जी फर्म बनाने वाले सदस्य शामिल है।इनके सहयोग से करीब सौ लोगों के नाम से फर्जी तरीके से मुद्रा लोन पास कर उनका रूपया हडप लिया गया है।इस मामले में बीती 13 सितम्बर 2025 को एसटीएफ नें यूनियन बैंक आफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर गौरव सहित चार लोगो को गिरफ्तार कर थाना साइबर क्राईम, लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया था। पकड़े गये लोगो से की गयी पूछताछ पर पता चला कि इस गिरोह को नावेद के साथ मिलकर संचालित करने वाला मास्टरमाइंड आमिर एहसन, यूनियन बैंक आफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर गौरव कुमार व नितिन चौधरी हैं। इसके बाद आमिर एहसन की गिरफ्तारी बीती 15 फरवरी को हुईं।शनिवार को इसी मामले में नितिन चौधरी को एसटीएफ व थाना साइबर काइम लखनऊ की टीम नें बसंत बिहार दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ के मुताबिक पकड़ा गया नितिन चौधरी वर्तमान समय में यूनियन बैंक आफ इंडिया की बसंतबिहार शाखा दिल्ली में क्रेडिट मैनेजर के पद पर तैनात है । वर्ष 2012 में बैंक आफ बडौदा अयोध्या में क्लर्क के पद पर चयन हुआ था। वर्ष 2013 में यूनियन बैंक आफ इंडिया में पीओ के पद पर चयन हो गया।इसकी पहली पोस्टिंग बैंगलूरू में हुई। इसके बाद हैदराबाद व लुधियाना में भी पोस्टिंग रही।
एसटीएफ की माने तो वर्ष 2020 में इसकी पोस्टिंग लखनऊ में यूनियन बैंक आफ इंडिया की खुर्रमनगर ब्रांच में ब्रांच मैनेजर के पद पर हुई। इसके बाद वर्ष 2021 में ट्रांसफर यूनियन बैंक आफ इंडिया की कल्यानपुर ब्रांच में ब्रांच मैनेजर के पद पर हो गया। नावेद रीजनल आफिस में फर्नीचर के वेंडर का काम करता था।इसी ब्रांच में एसी का काम कराने नावेद आया था। यही पर उससे जान पहचान हो गयी और नावेद से मित्रत्रा हो गयी। कुछ दिन पश्चात् इन लोगों ने रूपये कमाने के लिए फर्जी तरीके से लोन कराने का प्लान बनाया।
यह लोगों के आधार व पैनकार्ड पर लगे फोटो को एडिट कर उनके स्थान पर किसी दूसरे का फोटो लगाकर व हस्ताक्षर कराकर मुद्रा लोन योजना में लोन निकालने का प्लान था। कोटेशन के लिए नावेद ने अपने मित्र आमिर के साथ मिलकर कुछ फर्जी फर्म बना रखी थी। जिनके बैंक खातों में फर्जीवाडे का रूपया जाना था।पकड़े गये आरोपी नें फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी पते पर बनायी गयी कम्पनियों के कोटेशन लगाकर, दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर लगी फोटो को एडिट कर, उनकी फोटो की जगह अपने गिरोह के सदस्यों की फोटो लगाकर व उनके नाम से हस्ताक्षर कर 05 मुद्रा लोन किये गये। जिसमें विष्णु कुमार पाण्डेय के नाम से 09 लाख का लोन जनरेटर लेने के लिए किया गया। इसमें कोटेशन नावेद की फर्जी फर्म लखनऊ कामर्शियल मोटर्स की थी। उसी के एकाउंट में रूपये गये। इसके अतिरिक्त विष्णु कुमार पाण्डेय के नाम से ही 15 लाख रूपये का व्हीकल लोन जिसमे कोटेशन फर्जी फर्म कमल किशोर मोटर्स प्रो० अखिलेश तिवारी की थी, उसके एकाउंट में रूपये गये। इसके अतिरिक्त महेन्द्र पाण्डेय के नाम पर प्रिंटिंग मशीन लेने के लिए 10 लाख का लोन, चद्रिका प्रसाद के नाम से जनरेटर लेने के 10 लाख का लोन, अमित कुमार तिवारी के नाम से जनरेटर लेने के लिए 09 लाख का लोन भी दिया गया।यह सभी रूपये नावेद व आमिर के द्वारा बनायी गयी फर्जी फर्म के बैंक खातों में भेजे गये।इन रुपयों को आपस में बांट लिए था।आरोपी नें नावेद व यूनियन बैंक जनकीपुरम के ब्रांच मैनेजर गौरव कुमार की भी मुलाकात करायी थी। गौरव ने भी इसी के कहने पर व कमीशन के लिए इसी तरह से कई दर्जन लोन नावेद व आमिर के लिए किये थे।इस गिरोह नें करीब सौ से अधिक लोगों व फर्मों तथा कम्पनियों के नाम से लोन विभिन्न बैंकों से करोडों के लोन फर्जी तरीके से कराये गये है। इस गिरोह नें फर्जी तरीके से कराये गये लोनों से करोडों रूपयों अर्जित किये गये हैं। जिसकी जांच की जा रही है।टीम आरोपी द्वारा बताये गये बैंक खाते, वालेट का परीक्षण कर गिरोह के अन्य सदस्यो की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।





