मलिहाबाद, लखनऊ। (संवाददाता) मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा जिंदौर में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। तहसील प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते यहाँ के ग्रामीण और दुकानदार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि राइस मील, के पास स्थित नालियों की सफाई पिछले कई महीनों से नहीं कराई गई है। सफाई न होने के कारण नालियां पूरी तरह से चोक हो चुकी हैं और सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस सड़ांध और जलभराव के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
गंदगी से परेशान स्थानीय निवासी रामजी तिवारी, रामबाबू प्रजापति, प्रदीप, गोविंद गुप्ता और भगवान गुप्ता ने तहसील प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना तक दूभर हो गया है।गंदगी की वजह से ग्राहकों ने बाजार आना कम कर दिया है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखा रहे मलिहाबाद तहसील के अधिकारियों की लापरवाही अब जनस्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और मच्छरों के छिड़काव का प्रबंध नहीं हुआ, तो वे उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत करेंगे और आंदोलन को बाध्य होंगे।
महीनों से गंदगी सड़ रही है, सांस लेना मुश्किल है। अधिकारी दफ्तरों में बैठे हैं और हम यहाँ बीमारी के साये में जीने को मजबूर हैं।





