सीतापुर। जनपद में बढ़ती गर्मी और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) सीतापुर पूरी तरह सतर्क है। जिला आपदा विशेषज्ञ श्री हीरालाल जी के कुशल निर्देशन में आपदा मित्रों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत टप्पा खजुरिया में निरीक्षण के दौरान आपदा मित्र महेन्द्र कुमार, रवि कुमार और मनोहर लाल ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर किसानों ने अपनी गेहूँ की फसल को सीधे बिजली के हाईटेंशन तारों और खंभों के नीचे इकट्ठा कर रखा था। यह स्थिति किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकती है, क्योंकि तारों से निकलने वाली एक छोटी सी चिंगारी पूरी मेहनत की कमाई को राख में बदल सकती है।
आपदा मित्रों ने तत्काल संबंधित किसानों से संपर्क किया और उन्हें बिजली के तारों के नीचे फसल रखने से होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने सलाह दी कि फसल को हमेशा बिजली के तारों और ट्रांसफार्मर से सुरक्षित दूरी पर रखें। खेतों में पड़ी फसल की जल्द से जल्द मड़ाई (Threshing) करा लें।
बिजली के पोल के पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें ताकि किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि से बचा जा सके।
“हमारी प्राथमिकता है कि किसान भाई अपनी फसल को सुरक्षित रखें। बिजली के तारों के नीचे फसल रखना जोखिम भरा है, जिससे न केवल फसल का नुकसान हो सकता है बल्कि जानलेवा दुर्घटना भी हो सकती है।”
टीम आपदा मित्र (सीतापुर)
आपदा मित्रों की इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिला। किसानों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में सतर्क रहने का संकल्प लिया। किसानों ने कहा कि वे अब से बिजली के तारों के नीचे फसल का भंडारण नहीं करेंगे और अन्य ग्रामीणों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।





