June 6, 2026 4:51 pm

उन्नाव एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: नींद की एक झपकी ने ली 6 ज़िंदगियां, सब इंस्पेक्टर और बंदी समेत 21 घायल

उन्नाव। (संवाददाता) आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक बार फिर रफ्तार और थकान का खूनी खेल देखने को मिला। औरास थाना क्षेत्र के किलोमीटर संख्या 262 पर एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। यह हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।

इस दर्दनाक हादसे में एक सब इंस्पेक्टर और एक बंदी समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

ड्राइवर को आई झपकी और पलट गई पूरी बस

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि लंबी दूरी तय कर रहे बस चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे गाड़ी से उसका नियंत्रण पूरी तरह खो गया।

पलक झपकते ही बस डिवाइडर को तोड़ती हुई दूसरी लेन में जा पलटी। एक्सप्रेसवे पर एक जोरदार धमाका हुआ और सो रहे यात्रियों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री सीटों के बीच ही बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें बाद में खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाला गया।

हादसे का शिकार हुई बस में बिहार के सिवान पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिस टीम भी सवार थी, जो गुरुग्राम से एक बंदी को कोर्ट में गवाही दिलाकर वापस लौट रही थी। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर रामजी राम और बंदी छत्रपाल सिंह तोमर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में टीम के तीन अन्य सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में मृतक रामजी राम सब इंस्पेक्टर (सिवान पुलिस लाइन, बिहार), छत्रपाल सिंह तोमर, विजय गुप्ता,रवि वरन, सूरज जमालाल यात्री, पल्लव कुमार की मृत्यु हो गई।

मौके पर चला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

दुर्घटना की सूचना मिलते ही UPEIDA की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। बस के मलबे में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए काफी देर तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्नाव के जिलाधिकारी घनश्याम मीना और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया। औरास सीएचसी (CHC) प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने पुष्टि की है कि हादसे में 6 लोगों की मौत हुई है और 21 लोग घायल हैं। सभी गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

ज्यादातर यात्री थे बिहार के निवासी

मिली जानकारी के अनुसार, इस डबल डेकर बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकांश लोग बिहार के रहने वाले थे जो दिल्ली-एनसीआर से अपने घर लौट रहे थे।

एक्सप्रेसवे पर कब थमेगा ‘मौत का सफर’?

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे ये हादसे एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवरों का नियम सिर्फ कागजों तक सीमित है? ड्राइवरों की थकान और नींद पर नजर रखने के लिए प्रशासन सख्त कदम कब उठाएगा?

इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रफ्तार के सफर में सिर्फ एक सेकंड की झपकी भी पूरी जिंदगी छीनने के लिए काफी होती है।

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