न्यूज ऑफ इंडिया ( एजेंसी) लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत लाभार्थियों को अनुदान हेतु कुल 01 अरब 92 करोड़ 15 लाख 33 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वीकृत धनराशि में अनुदान संख्या-83 के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग हेतु 2208.33 लाख रुपये, अनुदान संख्या-81 के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु 252.00 लाख रुपये तथा अनुदान संख्या-10 के अंतर्गत सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग हेतु 16755.00 लाख रुपये की धनराशि शामिल है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना प्रदेश में किसानों की आमदनी बढ़ाने, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को सशक्त बनाने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना छोटे एवं असंगठित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के आधुनिकीकरण, वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा उन्हें संगठित बाजार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत तक क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये तक निर्धारित है। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण कार्य में लगे स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों को कार्यशील पूंजी एवं छोटे उपकरणों हेतु प्रति सदस्य 40 हजार रुपये तक की सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी समितियों एवं समूहों को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज तथा विपणन सुविधाओं के विकास हेतु भी सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त योजना के अंतर्गत तकनीकी प्रशिक्षण, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग सपोर्ट, एवं उद्यम पंजीकरण में सहयोग तथा आधुनिक पैकेजिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अचार, पापड़, मसाला प्रसंस्करण, आटा मिल, तेल मिल, डेयरी उत्पाद, शहद प्रसंस्करण, जैम एवं जेली निर्माण, मिलेट आधारित उत्पाद तथा फल एवं सब्जी प्रसंस्करण इकाइयों सहित अनेक सूक्ष्म खाद्य उद्योग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत कुल 7575 लाभार्थियों को 02 अरब 69 करोड़ 47 लाख 15 हजार रुपये की धनराशि अनुदान के रूप में वितरित की गई थी। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों को 2454.88 लाख रुपये, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 57.89 लाख रुपये तथा सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को 24434.38 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इससे किसानों की आय में वृद्धि, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को मजबूती तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।


