पुलिस के नेटवर्क के आगे शूटरों का तंत्र, पीजीआई के कल्ली पश्चिम पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर 41 वर्षीय जमीन कारोबारी संदीप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या के मामले में पुलिस 36 घंटे गुजरने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। कातिलों की तलाश में पुलिस की टीमें जौनपुर से लेकर लखनऊ तक हाथ-पांव मारी, लेकिन पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा। जानकार बताते हैं कि अब पुलिस सलाखों के पीछे बंद कुछ खूंखार सूचीबद्ध बदमाशों से संपर्क कर उनसे अहम जानकारी हासिल करने की तैयारी कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई सीसीटीवी फुटेज में देखने यही लग रहा है कि संदीप की जान लेने वाले अनाड़ी नहीं बल्कि पेशेवर शूटर लग रहे हैं।
जांच पड़ताल में जुटे एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता, लिहाजा इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल कर हत्यारों की तलाश की जा रही है।
भाड़े के शूटरों से कराई गई प्रापर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या
इसी कड़ी को जोड़कर पुलिस की पड़ताल बढ़ रही है आगे
जमीन कारोबारी संदीप मर्डर में कुछ सूचीबद्ध बदमाशों पर नजर
जौनपुर जिले के सिकरारा क्षेत्र स्थित टिकारी गांव निवासी 41 वर्षीय संदीप सिंह की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई गई। जानकार बताते हैं कि हत्या के पीछे संदीप के एक करीबी का हाथ माना जा रहा है। वह शख्स पुलिस के रडार पर है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने शूटरों को चिन्हित कर लिया है। शूटर पूर्वांचल के जौनपुर व आसपास के जिलों के बताए जा रहे हैं। इस मामले पुलिस अफसरों का कहना है कि इस मामले में पुलिस टीम को कुछ सबूत हाथ लगे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जमीन कारोबारी संदीप सिंह की हत्या गैंगवॉर में नहीं, बल्कि उसके ही जानने वाले ने भाड़े के शूटरों से कराई है? जिस तरह से मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने संदीप सिंह को गोलियों से भून कर छलनी किया, इससे यही लग रहा है बदमाशों को किसी ने सटीक सूचना दी कि इसी समय वह अपने चालक के साथ कार्यालय के लिए निकलते हैं। हमेशा की तरह वह बुधवार को अपने कार्यालय के लिए निकले कि तभी बदमाशों ने उनके ऊपर गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुलाने के बाद आराम से भाग निकले। संदीप परिवार के साथ वृन्दावन में रहते थे।
बताया जा रहा है कि यह सनसनीखेज वारदात उस समय हुई जब उनका चालक विपिन संदीप सिंह को लेकर दफ्तर पहुंचा था। पुलिस इस मामले में हत्यारों की तलाश में अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन तीन दिन गुजरने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।


