दारूलशफा के पास हुई घटना का मामला, घटना में इस्तेमाल अवैध तमंचा बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित नरही निवासी विभू शुक्ला को जान से मारने की नीयत से किसी पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि उसी के जानने वालों ने ही गोली मारी थी। इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह की टीम ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से घटना में इस्तेमाल अवैध तमंचा बरामद हुए हैं।
हजरतगंज स्थित नरही निवासी विभू शुक्ला से बकरीद पर्व यानी 28 मई 2026 को दारूलशफा के पास पुराने रंजिश को लेकर विवाद हुआ था। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह के मुताबिक घटना के बाद जांच-पड़ताल की गई तो घायल विभू शुक्ला ने बताया कि ठाकुरगंज क्षेत्र के सज्जाद गंज आंशिक निवासी मोहम्मद शफीक व बाजार खाला क्षेत्र स्थित बुलाकी अड्डा निवासी मोहम्मद वाजिद ने बकरीद पर्व पर मिलने के लिए बुलाया और गोली मारकर जख्मी कर दिया था। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम का कहना है कि इस मामले में पीड़ित विभू शुक्ला की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही थी कि वह पकड़ में नहीं आ रहे थे। इंस्पेक्टर हजरतगंज की टीम में शामिल उपनिरीक्षक शशिकांत सिंह, उपनिरीक्षक मधुकर सिंह, उपनिरीक्षक शिवम पांडेय, उपनिरीक्षक अनिल भगत, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार तिवारी, आरक्षी अनुराग त्रिवेदी, आरक्षी रवि सिंह व आरक्षी आनन्द वर्मा ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर फरार चल रहे दोनों नामजद हमलावरों मोहम्मद शफीक व मोहम्मद वाजिद को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह के मुताबिक पकड़े गया आरोपी शफीक ने बताया कि वह 28 मई को बकरीद पर्व पर मिलने के बहाने विभू शुक्ला को बुलाया था और पुरानी बातों को लेकर हुई बहस के बाद शफीक अपने साथी वाजिद से कहा विभू को गोली मार दो। इशारा मिलते ही आपराधिक प्रवृत्ति के दोनों आरोपियों ने विभू के पैर में गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर भाग निकले थे, लेकिन इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह की टीम ने रविवार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।


