न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने पेट्रोलियम कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों, खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव तथा विभागीय अधिकारियों के साथ बापू भवन कार्यालय कक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, पारदर्शी वितरण व्यवस्था एवं उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने विशेष रूप से नेपाल एवं बिहार की सीमाओं से जुड़े जनपदों में पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी तथा कालाबाजारी की प्राप्त शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर वास्तविक उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं तथा अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से तेल को अन्य राज्यों अथवा सीमावर्ती क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
मंत्री ने पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों एवं जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेट्रोल पंपों पर किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कृत्रिम अभाव पैदा करना, घटतौली अथवा उपभोक्ताओं के साथ किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जनपदों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
बैठक में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1500 नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं, किंतु प्रदेश की आवश्यकताओं को देखते हुए इस संख्या में और वृद्धि किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित कंपनियों को पीएनजी नेटवर्क के तेजी से विस्तार तथा अधिक से अधिक घरों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिया कि ई-केवाईसी के बिना किसी भी उपभोक्ता को गैस रिफिल न किया जाए। साथ ही बिना निर्धारित सत्यापन एवं आवश्यक अनुमोदन (डीएसी) के भी किसी प्रकार की रिफिलिंग न की जाए। उन्होंने कहा कि इससे फर्जी कनेक्शनों, अवैध उपयोग और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
मंत्री ने गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि पात्र उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न होने पाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम उपभोक्ता को पारदर्शी, सुगम और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना है।
बैठक के अंत में मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियां अथवा संबंधित अधिकारी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। प्रदेश सरकार जमाखोरी, कालाबाजारी, घटतौली और अनियमितताओं के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


