June 13, 2026 10:00 pm

शर्मनाक: कंपनी में रुपए निवेश करने और रुपए को दोगुना का लालच देकर पांच लाख की लूट 

कमता चौकी पर तैनात सिपाही सहित चार हाईटेक लुटेरे गिरफ्तार 

एक निजी कंपनी में निवेश के नाम पर पीड़ित को बंधक बनाकर दिया था घटना को अंजाम 

घटना में इस्तेमाल दो कार व एक लाख 25 हजार रुपए की नकदी बरामद 

इंस्पेक्टर चिनहट व पूर्वी जोन की सर्विलांस की संयुक्त टीम ने किया खुलासा 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। तथाकथित एक निजी कंपनी में रुपए निवेश करने तथा रुपए को दोगुना का लालच देकर बेरोजगारों को चिनहट क्षेत्र में बुलाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने वाले गिरोह का खुलासा कर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र व पूर्वी जोन की सर्विलांस की संयुक्त टीम ने शनिवार को कमता पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल दो कार व एक लाख 25 हजार रुपए की नकदी बरामद हुई है।

डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा ने बताया कि तीन दिन पहले यानी 11 जून 2026 को सेक्टर 5B/C 75 गिरिधर कुंज वृन्दावन कालोनी तेलीबाग निवासी प्रभाकर सिंह ने लिखित तहरीर देकर बताया कि उनके भाई व उसके मित्र को एक कंपनी में रुपए निवेश कर चंद दिनों में दोगुना मुनाफा का लालच देकर एक सिपाही सहित चार लोगों ने चिनहट बुलाया और उनके भाई तथा उसके मित्र को बंधक बनाकर पांच लाख रुपए की नकदी लूट कर भाग निकले।

उन्होंने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की गहनता से छानबीन करने के निर्देश दिए।

डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के निर्देश पर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज कर इसकी विवेचना अतिरिक्त निरीक्षक अमित कुमार सिंह सौंपी। अतिरिक्त निरीक्षक मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच-पड़ताल शुरू की तो पता चला कि इस घटना को अंजाम देने में कमता पुलिस चौकी पर तैनात आरक्षी पूर्ण सिंह की अहम भूमिका है। सबूत हाथ लगते ही इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की देखरेख में विवेचना कर रहे अतिरिक्त निरीक्षक अमित कुमार सिंह, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक बिट्टू, उपनिरीक्षक विशाल यादव, कांस्टेबल मनीष कुमार, कांस्टेबल योगेश यादव के अलावा पूर्वी जोन की सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक अमरनाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार की संयुक्त टीम ने शनिवार को राजस्थान राज्य के अलवर जिले के मंडवा थाना क्षेत्र स्थित मैनपुर गांव निवासी 29 वर्षीय पूर्ण सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह, गोरखपुर जिले के शहजनवा थाना क्षेत्र स्थित कररिया गांव व हाल पता न्यू कॉलोनी बड़गांव गोरखपुर निवासी 33 वर्षीय जावेद हुसैन पुत्र तैयब हुसैन, गोरखपुर जिले के तिवारीपुर थाना क्षेत्र स्थित 196 इलाहीबाद के पास पक्कड़ मस्जिद निवासी 34 वर्षीय आसिफ पुत्र हामिद हुसैन व संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र स्थित झकही चक बेलडुआ निवासी 34 वर्षीय प्रवेश त्रिपाठी पुत्र जगदीश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक इस मामले की गहनता से छानबीन शुरू की गई तो पता चला कि इस घटना को अंजाम इसी थाना के कमता पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही पूर्ण सिंह की है। उन्होंने बताया कि आनन-फानन में सिपाही को गिरफ्तार कर इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों को दबोच लिया गया। इंस्पेक्टर के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो योजनाबद्ध तरीके से सिंडीकेट टीम के रूप में कंपनी में रुपए निवेश करने व उन रुपयों को कम समय में दोगुना का लालच देकर चिनहट बुलाया और फर्जी दस्तावेज दिखाकर डरा-धमकाकर लूटपाट करते हैं। पुलिस को इनके पास से दो कार व एक लाख 25 हजार रुपए की नकदी बरामद हुई है। इंस्पेक्टर का कहना है कि इस गिरोह में कितने लोग और शामिल हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।

पुलिस ही परवान चढ़ा रही जालसाजी का गोरखधंधा

हाईटेक जालसाज लुटेरों की मदद कराने में दागी पुलिस साझीदार

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की टीम ने शनिवार को एक कंपनी में रुपए निवेश करने व रुपयों को दोगुना मुनाफा देने का झांसा देकर पीड़ित को बंधक बनाकर लूटपाट करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया तो एक बार फिर वर्दी बेनकाब हो गई। इस गिरोह में शामिल एक दागी पुलिसकर्मी पूर्ण सिंह का चेहरा सामने आया तो मानो पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई दागी पुलिसकर्मी वर्दी के दामन पर दाग लगा चुके हैं। गौर करें तो वर्ष 2019 में गोसाईगंज क्षेत्र में कोयला कारोबारी के घर पुलिस ने डकैती डाली, इस मामले में दो दरोगा आशीष, पवन व सिपाही प्रदीप सहित चार गिरफ्तार हुए थे। वर्ष 2021 में गोरखपुर जिले में कानपुर निवासी मनीष गुप्ता की हत्या कर दागी पुलिसकर्मियों ने लूटपाट की। वर्ष 2018 में मड़ियांव क्षेत्र में इंस्पेक्टर व दो दरोगाओं ने आगरा के सर्राफा कारोबारी विशाल जैन से चेकिंग के नाम पर लूट की।

वर्ष 2024 में वाराणसी में दागी पुलिसकर्मियों ने चौक के सर्राफा व्यवसाई के दो कर्मचारियों से 42.50 लाख की लूट की। बीते दिनों हुई घटनाओं का मामला हो या फिर चिनहट थाना के कमता पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही पूर्ण सिंह ने घिनौनी घटना को अंजाम देकर एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया। बीते वर्षों या फिर हाल में हुई घटनाओं से साफ है कि खाकी पुलिसिंग छोड़ हर फन में माहिर है।

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