लखनऊ। डॉ० अम्बेडकर सामाजिक एकता मंच ने देश के निर्धन और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के विस्तार की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेन्द्र कुमार द्वारा भेजे गए इस पत्र में RTE के तहत निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की सीमा को कक्षा 8 (14 वर्ष) से बढ़ाकर कक्षा 12 (18 वर्ष) तक करने का अनुरोध किया गया है।
पत्र में मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित कराया गया है:
RTE का विस्तार: निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की आयु सीमा 14 से बढ़ाकर 18 वर्ष (कक्षा 1 से 12वीं तक) की जाए।
25% आरक्षित सीटों की निरंतरता: निजी स्कूलों में RTE के तहत प्रवेश पाने वाले गरीब बच्चों को कक्षा 12वीं तक उसी विद्यालय में मुफ्त शिक्षा जारी रखने का अधिकार दिया जाए।
NEP 2020 को कानूनी बल: इस संशोधन से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के 3 से 18 वर्ष तक की शिक्षा के लक्ष्य को पूर्ण कानूनी समर्थन मिलेगा।
ड्रॉपआउट व बाल विवाह पर रोक: कक्षा 8 के बाद आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों, विशेषकर बालिकाओं को सुरक्षा मिलेगी और बाल विवाह व बाल श्रम पर प्रभावी रोक लगेगी।
संगठन ने प्रधानमंत्री से करोड़ों जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस संदर्भ में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।



