बेखौफ: ब्रह्मभोज में बुलाकर शिवकुमार त्रिपाठी को कातिलों ने बेरहमी से मार डाला और स्थानीय पुलिस सोती रही
आरोपितों को गिरफ्तार कर भले ही पुलिस अफसर अपनी पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन यह बड़ी नाकामी है
सिकरीगंज थाना क्षेत्र में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। सूबे के गोरखपुर जिले में बेखौफ अपराधियों के आगे पुलिस बेबस नजर आ रही है। एक के बाद एक बढ़ती आपराधिक वारदात से नागरिक दहशत में हैं।
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में ब्रह्मभोज में बुलाकर जिस तरह से बेखौफ कातिलों ने शिवकुमार त्रिपाठी को धारदार हथियार से हमला कर मौत की नींद सुलाया तो इससे यही लग रहा है कि इस सनसनीखेज घटना कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती है।
सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित अहिरौली खुर्द गांव में हुई यह दुस्साहसिक वारदात ने मानो पुलिस अधिकारियों के दावों की पोल खोल कर रख दी है। इस घटना के बाद एक बार फिर जिले के लोग दहशत में नजर आ रहे हैं और पुलिस के प्रति उनके भीतर गुस्सा भी है।
दरअसल इस जिले में इससे पहले भी कई संगीन वारदातें हो चुकीं हैं उदाहरण के तौर पर नजर डालें तो कानपुर जिले के रहने वाले कारोबारी मनीष की हत्या किसी पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि खाकी वर्दी वालों ने होटल के भीतर चेकिंग करने के बहाने पीट-पीटकर मौत की नींद सुला दिया था।
सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित अहिरौली खुर्द गांव में पुरानी रंजिश को लेकर शिवकुमार त्रिपाठी को ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जिन लोगों ने उन्हें बुलाया वहीं लोग उनके सीने में खंजर भोंककर मौत की नींद सुला देंगे। यही हुआ कार्यक्रम चल रहा था लोग एक-दूसरे से मिल रहे थे कि तभी मौका पाकर हत्यारों ने शिवकुमार त्रिपाठी को एक स्कूल के पीछे ले जाकर धारदार हथियार से हत्या कर हत्यारों ने सनसनी फैला दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के निर्देशन में पुलिस की टीमें कातिलों को पकड़ने में कामयाब रही, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि कातिल शिवकुमार त्रिपाठी के ऊपर खंजर चलाकर मौत के घाट उतार दिया और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी थी।
पुलिस ने आशुतोष चौधरी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। बताया जा रहा है कि सभी आरोपित सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित अहिरौली खुर्द गांव के निवासी हैं।





