लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी की ऑल-इंडिया बैठक में एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए घोषणा की है कि बसपा अब देश भर में सभी छोटे-बड़े चुनाव अपने दम पर अकेले ही लड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस को दलित और आंबेडकर विरोधी करार देते हुए किसी भी दल के साथ गठबंधन से साफ इनकार किया।
बसपा यूपी स्टेट कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में देश भर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पार्टी संगठन की मजबूती और कमियों को दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए।
आकाश आनंद को परिपक्व होने की जरूरत
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और उत्तराधिकार पर बात करते हुए मायावती ने कहा कि मान्यवर श्री कांशीराम जी के सिद्धांतों के अनुसार उनके लिए शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाना ही सर्वोपरि लक्ष्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मान्यवर कांशीराम जी की तरह वे भी परिवार के लोगों को चुनाव लड़ाने या सरकार में पद देने के खिलाफ हैं। इसी नीति के तहत उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति तो दी है, लेकिन उन्हें अभी और अधिक परिपक्व (मैच्योर) होने की जरूरत है। विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद के हथकंडों से पार्टी को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि आरएसएस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे पर आरएसएस में विश्वसनीयता का अभाव है। उन्होंने आरएसएस को बाबा साहेब आंबेडकर के समतामूलक संविधान पर ईमानदारी से अमल करने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए उसे कट्टर दलित विरोधी पार्टी बताया।
9 अक्टूबर को मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम
बैठक में आगामी 9 अक्टूबर को मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि मिशनरी भावना से मनाने के निर्देश दिए गए:
उत्तर प्रदेश: राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। गाजियाबाद/नोएडा के बहुजन प्रेरणा केंद्र में रखरखाव का कार्य चलने के कारण इस बार पश्चिमी यूपी के कार्यकर्ता भी लखनऊ स्थित ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ (वीआईपी रोड) में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
दिल्ली: दिल्ली प्रदेश के कार्यकर्ता नई दिल्ली स्थित ‘बहुजन समाज प्रेरणा स्थल’ (गुरुद्वारा रकाबगंज रोड) पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे।
अन्य राज्य: बाकी सभी राज्यों में ज़ोन-स्तर पर ‘खुली संगोष्ठी’ के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
देश और दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर चिंता
मायावती ने देश में बढ़ती महंगाई, प्राकृतिक आपदाओं, और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध से उपजे सुरक्षा हालातों पर भी चिंता व्यक्त की। इसके अलावा उन्होंने ‘जेन-जी’ (Gen-Z) और ‘जेन-अल्फा’ (Gen-Alpha) युवाओं की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से इन मुद्दों को गंभीरता से हल करने की मांग की।





