लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विराज खंड, गोमती नगर स्थित द एक्सटसी होटल में छात्रों के लिए निरंतर चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) के विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “प्रेडिक्टिव होम्योपैथी – समझें नैदानिक मामलों के माध्यम से” रहा। कार्यक्रम में होम्योपैथी चिकित्सा से जुड़े चिकित्सकों एवं छात्रों ने सहभागिता की।
निरंतर चिकित्सा शिक्षा सत्र में डॉ. आसिफ ने छात्रों को नैदानिक मामले के माध्यम से प्रेडिक्टिव होम्योपैथी के विभिन्न पहलुओं को समझाया। सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को चिकित्सकीय मामलों के अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक एवं केस-आधारित जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में डॉ. आर.पी. रस्तोगी, डॉ. ऋतु त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक और डॉ. अनिल गुप्ता सहित अन्य चिकित्सकों की उपस्थिति रही। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा, नैदानिक मामले के अध्ययन तथा होम्योपैथिक उपचार पद्धति से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
आयोजकों के अनुसार, छात्रों के लिए आयोजित इस विशेष सत्र में केस अध्ययन के माध्यम से विषय को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चिकित्सकीय अनुभवों से सीखने और विभिन्न मामलों को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. संतोष सिंह चौहान एवं डॉ. ऋतु त्रिपाठी के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम स्थल नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित था।
निरंतर चिकित्सा शिक्षा के दौरान चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को नैदानिक अनुभवों से जोड़ने और उनके ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने में सहायक होते हैं।





