मलिहाबाद, लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र में रोडवेज बसों के चालकों और परिचालकों की मनमानी, तानाशाही और अभद्रता की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
अभिलेखों में रहीमाबाद चौराहे पर आधिकारिक ठहराव दर्ज होने के बावजूद, चालक-परिचालक यात्रियों के साथ आए दिन गाली-गलौज और मारपीट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
ताजा मामला रहीमाबाद निवासी वहाज बेग पुत्र इकरार बेग से जुड़ा है। पीड़ित ने पुलिस को दी गई लिखित तहरीर में बताया कि वह बुधवार दोपहर लखनऊ से रहीमाबाद आने के लिए टिकट लेकर रोडवेज बस (नंबर UP 78 KT 7190) में सवार हुआ था। उसने परिचालक को रहीमाबाद चौराहे पर उतारने की बात कही।
आरोप है कि सफर के दौरान ही किसी बात को लेकर चालक व परिचालक ने वहाज बेग के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए अभद्रता शुरू कर दी। जब बस रहीमाबाद चौराहे पर पहुंची और पीड़ित ने रुकने के लिए कहा, तो चालक-परिचालक ने बस रोकने के बजाय उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। इसके बाद जलामऊ ओवरब्रिज के ऊपर बस रोककर मारपीट करते हुए धक्का देकर उसे नीचे धकेल दिया।
पीड़ित यात्री ने रहीमाबाद थाने में तहरीर देकर आरोपी चालक और परिचालक के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
क्षेत्रीय यात्रियों में पनप रहा भारी आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। चालक-परिचालकों द्वारा यात्रियों को अपमानित करना, गाली-गलौज करना और रहीमाबाद स्टॉप पर बस न रोकना अब रोज की बात बन चुकी है।
यात्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन, प्रशासन और पुलिस ने इन बेलगाम रोडवेज कर्मचारियों के रवैये पर सख्त कदम नहीं उठाया, तो जनता का सरकारी बसों से विश्वास उठ जाएगा और आक्रोश किसी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।





