एसएससी जीडी परीक्षा में सेंध लगाने वाला मास्टर हैकर डेविल गिरफ्तार
यूपी एसटीएफ नें दिल्ली से दबोचा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित जीडी कॉन्स्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर धांधली करने वाले सॉल्वर गैंग के सबसे शातिर हैकर को गिरफ्तार किया है। हैकर का नाम अरुण कुमार उर्फ डेविल है, जो हैकिंग की दुनिया में डेविल के नाम से कुख्यात है।
एसटीएफ मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, यह बड़ी सफलता शाहबाद डेरी, थाना बेगमपुर, दिल्ली से मिली है।
एसटीएफ गौतमबुद्धनगर की टीम ने थाना नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केन्द्र पर छापा मारकर एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर सर्वर हैक कर परीक्षा में सेंध लगाने वाले गिरोह के 07 आरोपियों को 50 लाख रुपये नकद और प्रॉक्सी सर्वर सहित गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना नॉलेज पार्क पर मुकदमा धारा 318(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस व 65/66 IT एक्ट तथा यूपी सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम व द पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में अब तक 12 अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है और परीक्षा केन्द्र से धांधली में प्रयुक्त रेस्बारी पीआई डिवाइस लगी मॉडिफाइड टीएफटी व अन्य सामग्री बरामद की जा चुकी है।
विवेचना में सामने आया था कि हैकर अमित राणा एवं डेविल ने मिलकर सर्वर की सोर्स फ़ाइल को डेकोड कर हैकिंग के लिये आवश्यक बदलाव किये थे, जिससे प्रॉक्सी सर्वर से नकल कराना संभव हुआ और अभ्यर्थियों के कम्प्यूटर को परीक्षा केन्द्र के बाहर से कंट्रोल किया गया।
गिरफ्तार आरोपी अरुण कुमार उर्फ डेविल निवासी 354, शाहबाद डेरी, थाना बेगमपुर, दिल्ली, मूल निवासी ग्राम पालीगंज, थाना दादरी, पटना, बिहार। उम्र लगभग 30 वर्ष, बीए पास हैं ।हैकर अरुण ने आईआईटी जहाँगीरपुरी से कम्प्यूटर फंडामेंटल में 01 साल का कोर्स किया है। वर्ष 2019 में मुखर्जी नगर, दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उसकी मुलाकात दरभंगा, बिहार निवासी मनोज से हुई, जो ऑनलाइन होने वाली परीक्षाओं को संचालित करता था। उसी के साथ रहकर उसने स्क्रीन उठाने (हैकिंग) का काम सीखा और धीरे-धीरे मॉडिफाइड टीएफटी बनाकर परीक्षा धांधली करने लगा। इसी से वह हैकिंग की दुनिया में डेविल के नाम से कुख्यात हो गया।धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड व नॉर्थ ईस्ट के परीक्षा माफिया उसके संपर्क में आ गए।वर्ष 2024 में जनपद सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें थाना तालगांव में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसमें भी मुख्य आरोपी उत्कर्ष को परीक्षा में धांधली के लिये प्रॉक्सी सर्वर लगाकर रेबूट करने के लिये पेन ड्राइव में सॉफ्टवेयर अरुण उर्फ डेविल ने ही उपलब्ध कराया था।
एसएससी जीडी की मई 2026 में आयोजित परीक्षा में हैकर अमित कुमार ने कुछ महत्वपूर्ण फाइल देक्रिप्टो करके डेविल को दी थी और दोनों ने मिलकर क्लाइंट को प्रॉक्सी सर्वर से कनेक्ट करने वाली स्क्रिप्ट तैयार की थी, जिसके माध्यम से एजुक्वीटी द्वारा करायी जा रही परीक्षा में धांधली की गई।इसके पास से 12 टीएफटी स्क्रीन खुली हुई, 02 लैपटॉप , एस हैंड हेल्ड मेंटल डिटेक्टर , 08 वीजीए स्विच , 11 रस्पबेर्री पीआई डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर , 09 यूएसबी टू टाइप सी एडॉप्टर, 13 एचडीटीवी वीजीए एडॉप्टर, 09 टीपी लिंक यूएसबी ब्लूटूथ डोंगल, 04 वीजीए टू एचडीटीवी एडॉप्टर, 01 एक्ससिटेल ब्रॉडबंद डिवाइस , 02 आयरन सोल्डर मशीन बरामद हुई है।एसटीएफ ने गिरफ्तार अभियुक्त को थाना नॉलेज पार्क में दर्ज मुकदमे में दाखिल कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।





