प्रधान की पत्नी की थी निर्मम हत्या
ए अहमद सौदागर लखनऊ। हत्या और नक्सली गतिविधियों में 14 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को यूपी एसटीएफ ने असम के गुवाहाटी से दबोच लिया है। पकड़े गए अपराधी का नाम राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा है।यह बलिया के सहरसपाली का रहने वाला हैं। इसने गुवाहाटी में भेष बदल लिया था।यह मूल निवासी सहरसपाली, थाना कोतवाली, जनपद बलिया है। फरारी के दौरान वह नाला पाड़ा, काली मंदिर रोड, बिहार बाड़ी, बेलतल्ला, थाना बसिष्ठ, कमिश्नरेट गुवाहाटी (असम) में छिपकर रह रहा था।
एसटीएफ की वाराणसी फील्ड इकाई नें मेसर्स मुन्ना इंटरप्राइजेज, बकरा पाड़ा रोड, मंशा मंदिर के पास, थाना बसिष्ठ, गुवाहाटी से उसे गिरफ्तार किया। उसके पास से 2400 रुपये नकद और आधार कार्ड बरामद हुआ है।
पकड़ा गया आरोपी बलिया जिले के थाना सहतवार थाने में दर्ज धारा 147/148/149/302/307/427/435/504/506 आईपीसी व 7 सीएलए एक्ट व 25/27 आर्म्स एक्ट में वर्ष 2012 से फरार था और उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था।
यूपी एसटीएफ की माने तो इसकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। राजकुमार वर्मा दबंग, विद्रोही और शातिर किस्म का व्यक्ति है।इसकी शुरुआत 2007 से हुई। दुकानदारी के विवाद को लेकर अपने ही गांव के माधव ठाकुर के परिवार को बुरी तरह पीटा। थाना कोतवाली बलिया में मुकदमा दर्ज हुआ।इसने वर्ष 2008 में अपने गांव के जयन्त ठाकुर को आपसी रंजिश में जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। इस दौरान जयन्त ठाकुर बाल-बाल बच गया, लेकिन उसके भाई की हत्या हो गई। केस दर्ज हुआ। राजकुमार को शक था कि उसके भाई को मरवाने वाला सोहन सिंह गुट है। 2008 में ही उसने सोहन सिंह की दुस्साहसिक तरीके से हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए वह मूलचंदिया निवासी मुंदियारा थाना मनियर बलिया का रहने वाला नक्सली सीताराम उर्फ धन्नू के संपर्क में आया और भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़कर नक्सली गतिविधियों में सक्रिय हो गया।वर्ष 2012 में प्रधान की पत्नी की हत्या कर दहशत फैलाई। संगठन को शक था कि ग्राम प्रधान मुसाफिर चौहान निवासी अंतरडरिया, थाना सहतवार, बलिया पुलिस से मुखबिरी करता है। 2012 में राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा अपने साथियों के साथ पुलिस वर्दी में प्रधान की हत्या करने उसके घर गया। प्रधान न मिलने पर दहशत फैलाने के लिए प्रधान की पत्नी फूलमती की दुस्साहसिक तरीके से हत्या कर दी। इसमें मुकदमा दर्ज हुआ था।
इस केस में इसके कई साथी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। इसका प्रमुख सहयोगी और 50 हजार का इनामी सीताराम उर्फ धन्नू को एटीएस यूपी ने इसे गिरफ्तार किया था, तब से राजकुमार लगातार फरार चल रहा था।
एसटीएफ को सूचना मिल रही थी।जिस पर फील्ड इकाई वाराणसी की टीम कई दिनों से लगी थी। विश्वस्त सूत्र से खबर मिली कि 50 हजार का इनामी बकरा पाड़ा रोड पर मौजूद है। टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी का कामरूप गुवाहाटी न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर यूपी लाने की विधिक कार्रवाई की जा रही है।





