November 3, 2026 6:03 pm

बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत पर ऊर्जा मंत्री ने तत्काल जांच कराते हुए अधिकारी को सस्पेंड करने के दिए निर्देश

जनता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी

 

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज अपने आवास पर जनसुनवाई कर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में पेयजल, अतिक्रमण, विद्युत कनेक्शन, विद्युत बिल में सुधार और नए विद्युत सबस्टेशन की स्थापना सहित नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याएं सामने आईं। मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

 

जनसुनवाई के दौरान लखनऊ निवासी विद्युत उपभोक्ता अभिनव त्रिपाठी ने अपने घरेलू विद्युत कनेक्शन से संबंधित शिकायत रखते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने फरवरी 2026 में 3 किलोवाट के घरेलू विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। विभाग द्वारा 1 मार्च 2026 को जारी 11,622 रुपये का स्टीमेट उन्होंने जमा भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कनेक्शन नहीं दिया गया। उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि बाद में संबंधित सहायक अभियंता शुभम सिंह द्वारा कनेक्शन देने के एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत नहीं देने पर 12 अक्टूबर 2026 को लगभग 2.24 लाख रुपये का नया स्टीमेट जारी कर दिया गया।

 

उपभोक्ता की पूरी शिकायत सुनने के बाद ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि संबंधित अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल सस्पेंड की कार्रवाई की जाए। आम उपभोक्ताओं को परेशान करना, अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना और सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने जैसी शिकायतों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

 

मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत कनेक्शन से संबंधित मामलों में निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। उपभोक्ताओं को बिना उचित कारण परेशान करना या उनके कार्यों को जानबूझकर लंबित रखना गंभीर लापरवाही है। प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच करते हुए जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन का लाभ मिल सके।

67
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!