सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो से सच आया सामने, मिनट भर में कई राउंड ऋषभ ने बरसाई थी गोलियां
पुलिस के मुखिया राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव एवं गृहसचिव पहुंचे पीड़ित परिवार के घर, मुलाकात कर कार्रवाई करने का दिया भरोसा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला निवासी शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व सुयश तिवारी की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो ने कुछ अहम राज खोले हैं।
वीडियो में साफ पता चलता है कि वारदात एक सुनियोजित तरीके से हुई और महज चंद मिनटों में कई राउंड फायरिंग कर घटना को अंजाम दिया गया। बेखौफ ऋषभ शुक्ला मानो एक शार्प शूटर की तरह गोलियों की बौछार कर तीनों को मौत की नींद सुलाने के घटनास्थल पर ही मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत करते दिखाई दे रहा है। इससे यही लग रहा है कि ऋषभ शुक्ला आम आदमी की तरह नहीं बल्कि वह किसी पेशेवर कुख्यात से कम नहीं है।
बता दें कि सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे सआदतगंज क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला निवासी शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व सुयश तिवारी का पड़ोस में रहने वाले ऋषभ शुक्ला के बीच एक छोटे से चबूतरे को लेकर कहासुनी हो गई और देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई थी। दोनों ओर से लाठी-डंडों एवं ईंट पत्थर बरस रहे थे कि इसी दौरान हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला का इशारा मिलते ही ऋषभ शुक्ला अवैध पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग झोंककर पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की हत्या कर दी थी।
इस सनसनीखेज मामले में पोस्टमार्टम के बाद घरवालों का ग़ुस्सा फूट पड़ा और शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया किया तो इसकी सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक पूरे काफिले के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का भरोसा देकर नाराज प्रदर्शनकारियों को शांत कराया था। एलडीए और नगर निगम विभाग के आलाधिकारियों ने ऋषभ शुक्ला के मकान को अवैध घोषित कर बड़ी कार्रवाई करने का दावा किया, लेकिन इस खानापूर्ति को देख पीड़ित परिवार नाखुश ही रहा।
इसी नाखुशी को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद काफिले के साथ मृतक शिवाजी तिवारी के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद और आरोपितों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
पांचवें दिन भी नामजद हिस्ट्रीशीटर इनामी कुख्यात राजेश शुक्ला व भतीजी पुलिस की पकड़ से दूर
सआदतगंज तिहरा हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला व उसकी भतीजी दिव्या की तलाश में पुलिस की टीमें अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन पांचवें दिन भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
चाचा-भतीजी की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी पश्चिमी जितेन्द्र श्रीवास्तव ने 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
हालांकि पुलिस इससे ही हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई कर चुकी है इसके बावजूद भी वह पुलिस की नाक के नीचे मंडराता रहा। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने इससे पहले मुख्य हत्यारोपी ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, सतीश शुक्ला, प्रिया व अदिति को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है, लेकिन हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला व भतीजी दिव्या अभी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं।




