शनिवार देर शाम उनका खून से लथपथ शव आम की बाग में पड़ा मिलने से इलाके में मचा हड़कंप
संदेह के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों को लिया हिरासत में
ए अहमद सौदागर लखनऊ। छह दिन पहले पुराने लखनऊ में पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की हुई हत्या का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि माल थाना क्षेत्र के बीघापुर गांव निवासी 58 वर्षीय नन्हके रावत पुत्र मैकू की किसी ने किसी बात को लेकर किसी भारी वस्तु से सिर पर वारकर मौत की नींद सुला दिया। उनका खून से लथपथ शव आम की बाग में पड़ा मिलने से इलाके में सनसनी फ़ैल गई। सूचना मिलते मौके पर पहुंची पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्या किसने और क्यों की पुलिस देर रात तक पता नहीं लगा सकी थी। बताया जा रहा है कि संदेह के आधार पर पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं जानकार बताते हैं कि यह वारदात जुआ खेलने के विवाद में हुई है। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।
माल थाना क्षेत्र स्थित बीघापुर गांव निवासी 58 वर्षीय नन्हके रावत पुत्र मैकू परिवार के साथ रहकर खेती किसानी करते थे। बताया जा रहा है कि यहां स्थानीय पुलिस की संरक्षण में बड़े पैमाने पर जुआ खेला जाता है। नन्हके रावत की किसी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई कि तभी कुछ लोगों ने उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से वारकर बेरहमी से मौत की नींद सुलाने के बाद भाग निकले।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ छानबीन की लेकिन हत्यारों का कुछ सुराग नहीं लग सका।
जानकार बताते हैं कि मृतक नन्हके शनिवार को गांव से कुछ दूरी पर स्थित आम की बाग में गए थे जहां स्थानीय पुलिस के संरक्षण में बड़े पैमाने पर जुआ खेला जा रहा था। आसपास में रहने वाले लोगों ने आंशका जता रहे हैं कि कहीं जुआ खेलने के विवाद में जुआरियों ने तो नहीं मार दिया। जांच पड़ताल में जुटी पुलिस का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता लिहाजा इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।




