न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) देहरादून। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े अधिकारियों की भूमिका केवल सरकारी दायित्वों के निर्वहन तक सीमित नहीं होती, बल्कि संकट की परिस्थितियों में नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारी होती है।
इस जिम्मेदारी को वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ निभाने वाले उत्तराखंड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि उनकी पेशेवर उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मान्यता है।
6 नवंबर 2026 को देहरादून स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित अलंकरण समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह समारोह उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत किए जाने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
वंश बहादुर यादव उत्तराखंड अग्निशमन सेवा में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। अग्निशमन सेवा उन महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में शामिल है, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों को हर समय अप्रत्याशित चुनौतियों के लिए तैयार रहना पड़ता है। आगजनी, औद्योगिक दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और मानवीय जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। ऐसे संवेदनशील दायित्वों के निर्वहन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर उनके नाम की घोषणा राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक के लिए की गई थी। इसके बाद अब औपचारिक अलंकरण समारोह में उन्हें पदक प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके सेवाकाल के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
वंश बहादुर यादव की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि यह पूर्वांचल के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि सीमित परिस्थितियों से निकलकर भी व्यक्ति अपनी कार्यक्षमता, निष्ठा और निरंतर परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित कर सकता है। उनकी उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है, जो सार्वजनिक सेवा को केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं।
राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक सामान्य प्रशंसा या औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि विशिष्ट सेवाओं के लिए मिलने वाली प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मान्यता है। ऐसे सम्मान उन अधिकारियों के योगदान को रेखांकित करते हैं, जिनकी कार्यनिष्ठा संस्थागत जिम्मेदारियों को मजबूत करने के साथ नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास से भी जुड़ी होती है।
वंश बहादुर यादव को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए शुभचिंतकों और पूर्वांचल के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। निस्संदेह, यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ उनके परिवार और क्षेत्र के लिए भी गौरव का अवसर है।





