एफएलएन और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण को बनाया जा रहा अधिक प्रभावी
न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। शिक्षक प्रशिक्षण को कितना प्रभावी बनाया जाए कि उसका वास्तविक लाभ शिक्षक की तैयारी और बच्चों की सीख तक पहुंचे? इसी सवाल को केंद्र में रखते हुए योगी सरकार ने शिक्षक क्षमता-विकास को तकनीक आधारित निगरानी और अकादमिक गुणवत्ता से जोड़ते हुए ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा दी है।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाकर उसकी गुणवत्ता का सीधा लाभ बच्चों की सीख तक पहुंचाना है। ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और शिक्षक की क्षमता दोनों बेहतर होंगी।
‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शैक्षणिक समझ एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियां अगले स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें। एफएलएन और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों की अकादमिक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।
‘उन्नति’ (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने वाली ऑनलाइन पर्यवेक्षण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और कैस्केड लॉस को न्यूनतम करना है, ताकि प्रशिक्षण की मूल विषयवस्तु, शैक्षणिक समझ और प्रभावी शिक्षण पद्धतियां एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें।
प्रशिक्षण में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को मजबूत करने के साथ एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर और कक्षा की जरूरत के अनुरूप पाठ्यवस्तु को गतिविधियों एवं प्रभावी शिक्षण प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन पर्यवेक्षण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा, माइक्रोफोन/साउंड सिस्टम तथा हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
ऑनलाइन पर्यवेक्षण के लिए प्रत्येक प्रशिक्षण बैच का अलग लिंक होगा। यह लिंक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाएगा और प्रशिक्षण शुरू होने से दो दिन पूर्व उपलब्ध कराया जाएगा।





