उन्नाव। (संवाददाता)अगर आप कृष्णा नगर इलाके से गुजर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! यहाँ की सड़कों पर मौत खुलेआम घूम रही है और प्रशासन गहरी नींद में सोया है। उन्नाव के हरदोई पुल स्थित कृष्णा नगर में, यामाहा एजेंसी के पास लगे बिजली के खुले ट्रांसफार्मर सिस्टम की संवेदनशीलता की पोल खोल रहे हैं।
मौके से सामने आई तस्वीरें रोंगटे खड़े करने वाली हैं। व्यस्त मार्ग होने के बावजूद यहाँ सुरक्षा के नाम पर ‘जीरो’ काम हुआ है:
कोई सुरक्षा घेरा नहीं: नियमतः ट्रांसफार्मर के चारों ओर जाली या बाउंड्री होनी चाहिए, लेकिन यहाँ तार खुले पड़े हैं।
चेतावनी का अभाव: न तो कोई ‘खतरा’ का बोर्ड है और न ही कोई बैरिकेडिंग।
आमजन पर खतरा: इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर गुजरते हैं। बारिश के मौसम या भीड़भाड़ के समय एक हल्की सी चूक सीधे मौत को बुलावा दे सकती है।
स्थानीय निवासियों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह लापरवाही सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है।
क्या बिजली विभाग को किसी मासूम की जान जाने का इंतज़ार है? यहाँ से गुजरते वक्त डर लगता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की बंसी बजा रहे हैं। – एक स्थानीय राहगीर
खुले में रखे ये ट्रांसफार्मर कभी भी शॉर्ट सर्किट के कारण ‘मौत का जाल’ बन सकते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या हादसे के बाद ही कागजी खानापूर्ति और सुरक्षा कवच की याद आएगी?
प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारी इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। इससे पहले कि कृष्णा नगर की यह ‘लापरवाही’ किसी परिवार का चिराग बुझा दे, यहाँ पुख्ता सुरक्षा घेरा और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।




