चार महिलाओं सहित सात गिरफ्तार, चार पहिया वाहन, एक धार्मिक पुस्तक, धर्म परिवर्तन कराने वाला दस्तावेज व बैंक स्टेटमेंट की कापी बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। मोहनलालगंज क्षेत्र भरसवा गांव में आकर भोले-भाले लोगों को बीमारी, आर्थिक मदद या फिर शादी-विवाह का लालच देकर ईसाई धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का राजफाश कर इंस्पेक्टर मोहनलालगंज रामबाबू सिंह की टीम ने शुक्रवार को चार महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से एक चार पहिया वाहन, एक धार्मिक पुस्तक, एक धर्म परिवर्तन कराने वाला दस्तावेज व बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति बरामद हुई है।
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि सामाजिक संगठन जुड़े भरसवा बरवलिया निवासी अमित कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की छानबीन कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई थी।
इंस्पेक्टर मोहनलालगंज रामबाबू सिंह की टीम ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित हरिकंश गढ़ी गांव निवासी डेनियल पुत्र सुंदरम, सुबला पत्नी डेनियल, भरसवा बरवलिया निवासी चन्द्रभान पुत्र नंदकिशोर, उपरोक्त निवासी आरती पत्नी चन्द्रभान, सीमा पत्नी मनोज, शीला पत्नी अजय रावत निवासी मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित ठाकुर खेड़ा व ठाकुर खेड़ा गांव निवासी अजय रावत को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से एक चार पहिया वाहन, एक धार्मिक पुस्तक, एक धर्म परिवर्तन कराने का दस्तावेज व बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर गांव-गांव में घूमकर झांसे में लेकर भोले-भाले लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे।
ऐसे कराते थे धर्मांतरण
पुलिस को दी गई तहरीर में अमित कुमार बताया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो गांव-गांव जाकर लोगों को बीमारी, आर्थिक मदद और शादी-विवाह के नाम पर लालच देकर धर्मपरिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे। बताया जा रहा है गिरोह बकायदा गांव में चौपाल लगाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने के एक गवाह भी साथ में रखते और बताते थे कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद चर्च में जाते ही घुटनों का दर्द खत्म हो जाता है। हालांकि कुछ लोगों के ऊपर ईसाई धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने पर गिरोह धमकी भी देता है तथा मानसिक दबाव के जरिए से धर्म परिवर्तन कराते हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक पूछताछ में आरोपी डेनियल ने बताया कि मेरा बचपन का नाम बाला सुब्रमण्यम था और 16 साल की उम्र में मेरी मुलाकात सुबला से हुई, जो कन्याकुमारी की थी और ईसाई धर्म को मानने वाली थी। यह भी बताया कि सुबला से शादी करने के लिए हिंदु धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के बाद शादी कर लिया था। तभी से FGPC चर्च कन्याकुमारी तमिलनाडु के आदेश पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए घूम-घूमकर प्रचार-प्रसार करने की बात स्वीकार किया है। गौर करें तो
इससे पहले भी 28 सितंबर 2025 को निगोहां पुलिस ने ईसाई धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में मलखान मैथ्यूज को गिरफ्तार किया था।





