November 8, 2026 1:12 am

लखनऊ पुलिस को संवेदनशील पुलिसिंग का दिया गया प्रशिक्षण

महिलाओं और बच्चों से कैसे करें बात, यूनिसेफ की ट्रेनर ने सिखाए गुर 

81 पुलिसकर्मी हुए प्रशिक्षित

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। महिलाओं और बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार और प्रभावी संवाद के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने गुरुवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। संगोष्ठी सदन, रिजर्व पुलिस लाइन में हुए इस प्रशिक्षण में 81 पुलिसकर्मियों को फर्स्ट रिस्पॉन्डर के तौर पर उनकी भूमिका और कर्तव्यों के बारे में बताया गया।

कार्यक्रम पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में आयोजित हुआ। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार और बबलू कुमार, पुलिस उपायुक्त अमित कुमावत व ममता रानी चौधरी के मार्गदर्शन में एसीपी महिला अपराध शाहिदा नसरीन ने पूरे प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण किया।

प्रशिक्षण रिजवाना परवीन, डिविजनल कंसल्टेंट, यूनिसेफ ईवीएडब्ल्यूसीएच, लखनऊ डिवीजन ने दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को पीड़ितों के साथ व्यवहार, संवाद कौशल और फर्स्ट रिस्पॉन्डर की जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण में बताया गया कि पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार जरूरी। अपराध के बाद पीड़ित व्यक्ति भय, तनाव और मानसिक दबाव में होता है। ऐसे में पुलिसकर्मी का पहला व्यवहार सबसे अहम होता है। धैर्य, सहानुभूति और संवेदनशीलता के साथ बात कर पीड़ित को सुरक्षित माहौल देना चाहिए ताकि वह बिना डरे पूरी जानकारी दे सके।

ट्रेनर ने कहा कि पीड़िता या बच्चा घटना के बाद घबराया होता है। ऐसे में पुलिसकर्मी को सहानुभूति के साथ सुनना, भरोसा दिलाना और उन्हें सहज वातावरण देना जरूरी है।

पुलिसकर्मियों को सिखाया गया कि पीड़िता और बच्चों से बात करते समय ऐसा माहौल बनाएं जिससे वे बिना संकोच अपनी बात रख सकें। उनकी बात ध्यान से सुनें और भावनात्मक स्थिति का ख्याल रखें।

मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिसकर्मी को पीड़ित की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता देनी है। संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार के साथ तत्काल मदद और संरक्षण उपलब्ध कराना उसका कर्तव्य है।सिर्फ लेक्चर नहीं, बल्कि विभिन्न परिस्थितियों पर आधारित रोल-प्ले और अभ्यास भी कराए गए। इसके जरिए पुलिसकर्मियों को सिखाया गया कि अलग-अलग हालात में पीड़िता और बच्चे से कैसे बात करें, उन्हें सहज करें और बिना दबाव जरूरी जानकारी लें।

अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण का उद्देश्य लखनऊ पुलिस को अधिक मानवीय, संवेदनशील और पीड़ित-हितैषी बनाना है। इससे न केवल पीड़ितों को न्याय मिलेगा, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा भी मजबूत होगा।

67
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!