ए अहमद सौदागर लखनऊ। चित्रकूट जिले के बरगढ़ कस्बे में कपड़ा व्यापारी के बेटे को अगवा करने के बाद बदमाशों ने 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी और रकम न मिलने पर बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को बाथरूम में दफन कर दिया। शव बरामद होने के बाद आक्रोशित व्यापारियों ने झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे में जाम लगा दिया। पुलिस की तलाश के दौरान हुई मुठभेड़ में एक आरोपी को मार गिराया, जबकि दूसरा पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार बरगढ़ बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी अशोक केशरवानी का 13 वर्षीय बेटे आयुष केशरवानी गुरुवार की शाम कोचिंग पढ़ने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। रात 8ः45 बजे परिजनों को फोन आया और आरोपियों ने 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। बेटे के अगवा होने की जानकारी परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने आयुष की तलाश में सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत खंगालने शुरू किए। जांच में पाया गया कि आयुष को कल्लू उर्फ साहवे ईमान निवासी कटरा चैराहा, कर्मा, थाना घूरपुर, जनपद प्रयागराज के साथ बाइक में बैठा देखा गया था। जिसके बाद पुलिस ने कल्लू के ठिकाने पर छापा मारा, जहां बाथरूम में आयुष का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद कस्बे में तनावपूर्ण हालात बन गए। तलाश के दौरान शुक्रवार की सुबह परानूबाबा के जंगल में पुलिस की आरोपियों से मुठभेड़ हुई, जिसमें गोली लगने से आरोपी कल्लू की मौत हो गई, वहीं दूसरे आरोपी इरफान अंसारी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। वारदात में शामिल एक अन्य शातिर अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। कल्लू और इरफान बरगढ़ कस्बे में बक्शा बेचने की दुकान चलाते थे। शुरुआत में उन्होंने कपड़ा कारोबारी अशोक केशरवानी के मकान में किराए पर दुकान ली थी। 25 हजार रुपये किराया न देने पर व्यापारी और उनके बीच विवाद हुआ। इसके बाद अशोक केशरवानी ने दुकान खाली करा ली थी। इसी विवाद के चलते योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया। इस सम्बन्ध में एएसपी सत्यपाल सिंह ने बताया कि कल्लू बाइक पर बैठाकर आयुष को अपने साथ ले गया था। आयुष को बाइक चलाने का शौक था, जिसे सिखाने के बहाने वह उसे ले गया।




