उन्नाव। (संवाददाता) जनपद की सदर तहसील अंतर्गत मगरवारा में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का असंतोष उग्र हो गया है। बिजली विभाग की इस नई व्यवस्था से परेशान सैकड़ों उपभोक्ताओं ने समाजसेवी विमल त्रिवेदी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को इस व्यवस्था के विरोध में ज्ञापन सौंपा।
उपभोक्ताओं की प्रमुख समस्याएं और आरोप
प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जो मुख्य रूप से इस प्रकार हैं अत्यधिक बिजली बिल: उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। समान खपत के बावजूद बिल सामान्य से 2 से 3 गुना तक अधिक आ रहे हैं।
अचानक बिजली कटौती: प्रीपेड बैलेंस खत्म होने से पहले उपभोक्ताओं को कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलती, जिससे अचानक बिजली गुल हो जाती है। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और छोटे व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
तकनीकी खामियां: सर्वर और सिस्टम की खराबी के कारण रिचार्ज करने के बाद भी बैलेंस अपडेट होने में देरी होती है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
पारदर्शिता का अभाव: ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि स्मार्ट मीटर की वर्तमान कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की भारी कमी है।
प्रशासन से की गई मांग
समाजसेवी विमल त्रिवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक इन तकनीकी समस्याओं और बिलिंग विसंगतियों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लागू करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों की समस्याओं को सुनने के बाद, जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। प्रशासन की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया गया है, जिसके बाद उपभोक्ताओं ने भविष्य में उचित कार्यवाही न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।




