जिस बाप ने बेटी को हाथ पकड़कर चलना सिखाया वही पिता अपनी लाडली के लिए काल बन गया
चिनहट निवासी अब्दुल मन्नान था मास्टर माइंड
ए अहमद सौदागर लखनऊ। चिनहट के देवा रोड स्थित शाहू सोसायटी में रहने वाले विजय कुमार चौबे की नाबालिग बेटी की हत्या 13 अप्रैल 2026 चिनहट कस्बा निवासी अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर की गई थी। नादान नाबालिग पिता के एक इशारे पर साथ जाने के लिए तैयार हो गई, लेकिन उसे क्या पता था कि यह सफर उसका आखिरी सफर होगा। पिता विजय कुमार चौबे के साथ कार में बैठी नाबालिग लड़की पापा-पापा कहते हुए बातें करती रही कि इसी दौरान वह गहरी नींद में सो गई। उसके दिलो-दिमाग में नहीं था कि जिस पिता के साथ जा रही वह उसके लिए काल बन जाएगा।
दिन से लेकर रात तक बेखबर बेटी पिता के साथ रही और सुल्तानपुर रोड स्थित एक होटल पर पिता के साथ खाना भी खाया और वहीं रूक गए और अगले दिन फिर बेटी को लेकर विजय सुल्तानपुर रोड से लखनऊ की ओर चल दिए। जानकार बताते हैं कि नाबालिग बेटी पिता से बार-बार पूछती रही कि जिस बाबा के पास झाड़-फूंक कराने के लिए ले जा रहे हैं वह कब मिलेंगे।
इससे साफ है कि बेखबर नाबालिग बच्ची अपनी नादानी के चलते हैवान पिता के चेहरे को नहीं भांप सकी। उसके मन में शायद कोई हलचल नहीं हुई कि उसके साथ क्या होने वाला है। रात के अंधेरे में रातें सांय-सांय कर रही थी जैसे ही कुर्सी रोड आया कि पीछे सीट पर बेखबर सो रही बेटी को कार में ही गला दबाकर हत्या करने लगे कि उसकी आंखें खुल गईं तो देखा कि कोई पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि उसी का कलयुगी पिता गला दबा रहा है। विरोध करते ही साथ में गया अब्दुल मन्नान अपने अंगौछे से गला दबाकर मौत की नींद सुला दिया। बेरहमी के साथ मन्नान गला दबाकर मार डाला, लेकिन कलयुगी पिता को ज़रा भी दया नहीं आई और जान लेने के बाद विजय कुमार चौबे ने मन्नान के सहयोग से शव को बड्डूपुर थाना क्षेत्र स्थित झाड़ियों में फेंककर भाग निकले।
यही नहीं बेरहमों ने शव की पहचान न हो सके चेहरे पर तेजाब भी डाल दिया था। सोमवार को जैसे ही इसकी खबर लोगों की मिली तो मानो उनके रोंगटे खड़े हो गए। इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया, लेकिन बेरहम पिता विजय कुमार चौबे के चेहरे पर कोई पछतावा नजर नहीं आ रहा था। मानो कलयुगी पिता एक जानी दुश्मन की तरह अपनी लाडली के साथ पेश आया और उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला कर रिश्ते को कलंकित कर दिया।




